डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: कोयला और बालू के अवैध कारोबार में ‘प्रोटेक्शन मनी’ के बड़े खेल की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने एक बार फिर कड़ा रुख अख्तियार किया है। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के सब-इंस्पेक्टर मनोरंजन मंडल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार को ईडी की टीम ने उनके दुर्गापुर स्थित सिटी सेंटर आवास पर साढ़े छह घंटे तक सघन तलाशी ली।
जांच से गायब, दरवाजे पर नोटिस
बुधवार सुबह करीब 8 बजे जब ईडी के अधिकारी मनोरंजन मंडल के घर पहुंचे, तो वह वहां मौजूद नहीं थे। अधिकारियों ने उनके घर के बाहर एक नया समन चस्पा कर दिया है। बताया जा रहा है कि घर में उनके बेटे और अन्य रिश्तेदार मौजूद थे, जिनसे टीम ने लंबी पूछताछ की। दोपहर करीब 1:30 बजे जांच टीम कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ रवाना हुई।
क्यों है ईडी की पैनी नजर?
मनोरंजन मंडल के रडार पर आने की कहानी उनके बाराबनी और बुदबुद थाने के प्रभारी रहने के दौरान से जुड़ी है। जांच एजेंसी को शक है कि कोयला और बालू माफियाओं को पुलिसिया संरक्षण देने के बदले करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ है। 3 फरवरी को प्रबीर दत्ता और केके मिनरल जैसे बड़े बालू कारोबारियों के साथ मनोरंजन के ठिकानों पर भी रेड हुई थी। इसके बाद उन्हें कई बार पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन वे एक बार भी ईडी दफ्तर हाजिर नहीं हुए।
मामले की अब तक की बड़ी कार्रवाई
इस पूरे सिंडिकेट में ईडी पहले ही चिन्मय मंडल और किरण खां जैसे चेहरों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस महकमे के एक अधिकारी के घर पर बार-बार हो रही यह छापेमारी विभाग के भीतर भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

