डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने अपनी सबसे लोकप्रिय ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। राज्य सचिवालय (नवान्न) द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, अब नियमों की अनदेखी करने वाली महिलाओं के बैंक खाते में योजना की राशि नहीं भेजी जाएगी। प्रशासन की इस सख्ती का सीधा असर राज्य के हजारों लाभार्थियों पर पड़ सकता है।अगर आप भी इस योजना का लाभ ले रही हैं, तो इन 3 मुख्य बदलावों को तुरंत जान लें।
- आधार सीडिंग अनिवार्य
अब केवल उन्हीं महिलाओं को आर्थिक सहायता मिलेगी जिनका बैंक खाता उनके आधार कार्ड से लिंक है। अगर आपका खाता आधार से नहीं जुड़ा है, तो भुगतान की प्रक्रिया ऑटोमैटिक रुक जाएगी। - ‘सिंगल अकाउंट’ ही होगा मान्य
अब तक कई महिलाएं जॉइंट अकाउंट (संयुक्त खाते) में पैसे प्राप्त कर रही थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि लाभार्थी के नाम पर व्यक्तिगत बैंक खाता होना अनिवार्य है। संयुक्त खाते में अब राशि नहीं भेजी जाएगी। - पात्रता के कड़े नियम
आयु सीमा: लाभार्थी की आयु 25 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। 60 वर्ष की आयु होते ही महिला को वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन करना होगा।
सरकारी नौकरी:अगर परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है या पेंशन का लाभ ले रहा है, तो उस परिवार को लक्ष्मी भंडार का लाभ नहीं मिलेगा।
दस्तावेजों में सुधार: अगर दस्तावेजों में कोई भी गलती पाई गई, तो आवेदन तत्काल रद्द कर दिया जाएगा।
प्रशासन की सलाह: जिन लाभार्थियों के बैंकिंग डेटा में त्रुटि है, वे तुरंत अपने बैंक या नजदीकी सरकारी शिविर से संपर्क करें ताकि उनकी किस्त न रुके।

