बिहार में एक बार फिर काम में लापरवाही बरतने वाले राजस्व अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है। बिहार में हड़ताल पर गए अंचलाधिकारियों (सीए) के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर राज्य के तीन अंचलाधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
काम पर वापस लौटने का किया गया था आग्रह
बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का पदभार ग्रहण करने के बाद से ही विभाग के मंत्री सह उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा एक्शन मोड में है। इस बीच कई अंचल कार्यालय के अंचलाधिकारी, राजस्व कर्मचारी एवं राजस्व जुड़े कई कर्मी 17 सूत्री मांगों को लेकर 11 फरवरी से हड़ताल पर है। इस बीच कई बार विभाग की ओर से हड़ताली कर्मचारियों को काम पर वापस लौटने के लिए आग्रह किया गया, उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया गया।
सरकार की अपील को किया अनसुना
हालांकि, सरकार की अपील को अनसुनी करते हुए हड़ताल को जारी रखा गया। अब उस पर विभाग ने एक्शन लेना भी शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में बुधवार को अंचल कार्यालय के तीन कर्मचारी जिसमें दो अंचलाधिकारी और एक भू अर्जन पदाधिकारी को निलंबित कर दिया गया है।
इन अधिकारियों पर एक्शन
सरकार की ओर से निलंबित किए गए अधिकारियों में अररिया के अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी जितेंद्र पांडे, पटना सदर के अंचलाधिकारी रजनीकांत तथा पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन अंचल के अंचलाधिकारी आनंद कुमार शामिल हैं। सभी को इस अवधि में मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, पूर्णिया में रिपोर्ट करने को कहा गया है।
भ्रामक बयान देने वालों को चेतावनी
डिप्टी सीएम और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पत्रकारों से बात करते हुए इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करने, अनुशासनहीनता एवं भ्रामक बयान देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने बताया कि पूरे बिहार के अंचल कार्यालय के कर्मचारी हड़ताल पर नहीं है।
डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने चेताया
सभी जिले के जिलाधिकारी के द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में लगभग 50 प्रतिशत राजस्व पदाधिकारी कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष के समापन को देखते हुए कार्य निष्पादन अत्यंत महत्वपूर्ण है। अभी इसी विभाग द्वारा जनगणना के कार्य की भी मॉनिटरिंग की जा रही है। 17 अप्रैल से स्व गणना का काम शुरू होना है। इसकी तैयारी चल रही है। विभाग द्वारा कई अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में जो अधिकारी शीघ्र अपने कार्य पर लौट आते हैं, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

