राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के तीन विधायकों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया था, जिसकी वजह से एनडीए को पांचों सीटों पर जीत हासिल हुई। इसको लेकर अब महागठबंधन में ही सियासी महासंग्राम देखने को मिल रहा है। राजद और कांग्रेस दोनों एक-दूसरे पर हार का ठीकरा फोड़ रहे हैं। इस बीच कांग्रेस आलाकमान ने अपने तीनों बागी विधायकों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है।
दो दिनों के भीतर जवाब मांगा
बिहार राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन प्रत्याशी की हार के बाद कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी ने अपने तीन विधायकों से स्पष्टीकरण मांगा है। कांग्रेस ने मनोहर प्रसाद सिंह, सुरेंद्र प्रसाद और मनोज विश्वास से दो दिनों के भीतर जवाब मांगा है। पार्टी की ओर से जारी निर्देश में साफ कहा गया है कि वे बताएं कि राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने मतदान क्यों नहीं किया।
अनुशासन समिति ने जारी की नोटिस
यह कार्रवाई कांग्रेस की अनुशासन समिति के अध्यक्ष की ओर से की गई है। पार्टी नेतृत्व इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रहा है और इसे अनुशासनहीनता के तौर पर देख रहा है। बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव प्रसाद यादव की ओर से तीनों विधायकों को नोटिस जारी किया गया है। तीनों विधायकों से पूछा गया है कि आखिर उन्होंने किस लोभ में आकर राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन प्रत्याशी को हराया है।
इन तीन विधायकों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया
बता दें कि कांग्रेस के वाल्मीकिनगर से विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा, फारबिसगंज से विधायक मनोज विश्वास और मनिहारी से मनोहर प्रसाद सिंह ने 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में वोटिंग प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया था। इस कारण से महागठबंधन समर्थित राजद उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था।
तीनों विधायक मीडिया में दे चुके हैं अपना बयान
पार्टी की ओर से नोटिस जारी होने से पहले ये तीनों विधायक अपनी बात मीडिया के जरिए कह चुके हैं। विधायक मनोहर प्रसाद सिंह, सुरेंद्र प्रसाद और मनोज विश्वास की बातों से यह साफ हुआ था कि ये सभी आरजेडी के राज्यसभा प्रत्याशी एडी सिंह से खुश नहीं थे।

