डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: लौहनगरी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल MGM मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अपनी पुरानी मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया है। पिछले 5 सालों से स्टाइपेंड बढ़ाने की गुहार लगा रहे डॉक्टरों का कहना है कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा।
क्यों भड़के हैं डॉक्टर?
हड़ताल पर बैठे जूनियर डॉक्टरों का आरोप है कि वे लंबे समय से स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज कर रही है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार पिछले 5 वर्षों से स्टाइपेंड में कोई वृद्धि नहीं हुई है। कई बार अधिकारियों ने भरोसा दिया, लेकिन फाइलें ठंडे बस्ते में डाल दी गई। डॉक्टरों का कहना है कि वे जनता की सेवा के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहते हैं, फिर भी उनकी आर्थिक जरूरतों की अनदेखी की जा रही है।
मरीजों की बढ़ी मुश्किलें, सीनियर डॉक्टरों का मिला साथ
जूनियर डॉक्टरों की इस हड़ताल के कारण अस्पताल की ओपीडी और अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। हालांकि डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि इमरजेंसी वार्ड में आने वाले गंभीर मरीजों का इलाज किया जा रहा है ताकि किसी की जान पर न बन आए। बड़ी बात यह है कि इस आंदोलन को मेडिकल कॉलेज के स्टाफ और सीनियर डॉक्टरों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है, जिससे अस्पताल प्रशासन और सरकार पर दबाव और बढ़ गया है। वहीं डॉक्टरों का संकल्प है जब तक सरकार स्टाइपेंड बढ़ाने का आधिकारिक आदेश जारी नहीं करती, हमारी हड़ताल खत्म नहीं होगी। हम केवल खोखले वादों के भरोसे अब और काम नहीं कर सकते।

