डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: गर्मी की दस्तक के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है। समाहरणालय सभागार में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की प्रगति का जायजा लिया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि पेयजल स्रोतों की मरम्मत में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
युद्धस्तर पर होगी मरम्मत, चाकुलिया की शिकायतों पर एक्शन
उपायुक्त ने हाल ही में चाकुलिया प्रखंड के भ्रमण के दौरान बंद पड़ी जलापूर्ति योजनाओं और खराब चापाकलों का संज्ञान लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि
सभी खराब चापाकल और जलमीनारों को युद्धस्तर पर मरम्मत कर जल्द से जल्द चालू किया जाए।
पटमदा (बांगुरदा): बहुग्रामीण जलापूर्ति योजना में आई क्षति को ठीक करने के लिए NHAI से समन्वय कर इसे तुरंत क्रियाशील बनाया जाए।
बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी: पाइपलाइन बिछाने का शेष कार्य हर हाल में 20 सितंबर तक पूर्ण किया जाए।
स्वच्छ भारत मिशन: अबुआ आवास के साथ शौचालय अनिवार्य
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने ‘ओडीएफ प्लस’ गांवों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया।
अबुआ आवास: जिन लाभुकों के ‘अबुआ आवास’ पूरे हो चुके हैं, वहां अनिवार्य रूप से शौचालय की सुविधा सुनिश्चित की जाए।
कचरा प्रबंधन: ठोस व तरल कचरा प्रबंधन के लंबित कार्यों को पूरा कर गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित करने की प्रक्रिया तेज करें।
मॉडल विलेज: गोबर गैस प्लांट, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट और 5-स्टार मॉडल गांवों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
शिकायतों का होगा समयबद्ध निपटारा
उपायुक्त ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सीपी. ग्राम और झारजल पोर्टल पर प्राप्त होने वाली आम जनता की शिकायतों को ठंडे बस्ते में न डालें। पेयजल और स्वच्छता से जुड़ी हर समस्या का एक निश्चित समय सीमा के भीतर निष्पादन करना अनिवार्य होगा।

