बिहार में इन दिनों हर जुबान पर बस एख ही सवाल है, नीतीश कुमार के बाद अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? फिलहाल, इस दौड़ में सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे चल रहा है। इसी बीच पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाने की मांग को लेकर एक पोस्टर लगाए जाने से नया विवाद खड़ा हो गया।
बिहार का सियासी पारा हाई
बिहार की राजधानी पटना में राजनीतिक पारा अचानक तब चढ़ गया, जब वीरचंद पटेल पथ स्थित बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय के बाहर एक बड़ा पोस्टर लगा दिखा। हालांकि, इस पोस्टर को जितनी तेजी से लगाया गया था, उससे भी कहीं ज्यादा तेजी से इसे फाड़कर हटा दिया गया। इस पोस्टर में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की गई थी।
‘बिहार में हो सम्राट की सरकार’
भाजपा के प्रदेश कार्यालय के मुख्य द्वार पर लगे पोस्टर पर सम्राट चौधरी की बड़ी तस्वीर लगी है। पोस्टर पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा था, ‘वाल्मीकि समाज संघ की यही पुकार, बिहार में हो सम्राट की सरकार।’ यह पोस्टर भाजपा नेता और वाल्मीकि समाज संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार वाल्मीकि ने लगाया था। इस पोस्टर में न केवल सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाने की वकालत की गई थी, बल्कि यह भी लिखा था कि ‘भाजपा को हमने दिया है हर संभव साथ, ठेकेदारी प्रथा आपकी सरकार में हो समाप्त।’
कुछ ही देर में पोस्टर फाड़कर हटाया गया
पोस्टर लगने के कुछ ही देर बाद वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे फाड़कर हटा दिया। भाजपा की ओर से स्पष्ट किया गया कि यह पोस्टर पार्टी द्वारा नहीं लगाया गया था और इसका पार्टी से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। अब सवाल उठ रहे हैं कि पोस्टर लगाने के पीछे मकसद क्या था—क्या यह किसी समर्थक की पहल थी या फिर सियासी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश?

