कौन हैं मीनाक्षी एम राय? पटना हाई कोर्ट की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनीं

Neelam
By Neelam
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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने न्यायाधीश को पटना हाई कोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की अनुशंसा केंद्र सरकार से की है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सिक्किम हाईकोर्ट की वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस मीनाक्षी मदन राय को पटना हाई कोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश केंद्र सरकार से की है। यह नियुक्ति पटना हाईकोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संगम कुमार साहू की सेवानिवृत्ति के बाद होगी।

5 जून को संभालेंगी कार्यभार

जस्टिस साहू आगामी 4 जून 2026 को अपने पद से रिटायर होने जा रहे हैं। उनके सेवानिवृत्त होने के ठीक अगले दिन यानी 5 जून 2026 को जस्टिस मीनाक्षी मदन राय पटना हाई कोर्ट के 48वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाल सकती हैं।

बिहार की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश

मीनाक्षी मदन राय के पटना उच्च न्यायालय में पद संभालते ही पटना हाई कोर्ट को अपने इतिहास की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश मिल जाएगी, जो बिहार के न्यायिक इतिहास के लिए एक गौरवशाली मील का पत्थर होगा।

सिक्किम में प्रारंभिक शिक्षा बाद दिल्ली का रूख

जस्टिस मीनाक्षी मदन राय का जन्म 12 जुलाई 1964 को सिक्किम के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। उनके पिता सिक्किम के गृह सचिव रह चुके हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद दिल्ली का रुख किया और दिल्ली विश्वविद्यालय के मशहूर लेडी श्रीराम कॉलेज से राजनीति विज्ञान (ऑनर्स) में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के ही कैंपस लॉ सेंटर (CLC) से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की।

1990 में दिल्ली बार काउंसिल नामांकित 

साल 1990 में उन्होंने दिल्ली बार काउंसिल में एक वकील के रूप में अपना पंजीकरण कराया और दिल्ली हाई कोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट में वकालत की बारीकियां सीखीं। उसी वर्ष उन्हें सिक्किम न्यायिक सेवा में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सह सिविल जज नियुक्त किया गया। वह इस पद पर नियुक्त होने वाली सिक्किम की पहली महिला बनीं। न्यायिक सेवा के दौरान उन्होंने जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रजिस्ट्रार जनरल, फैमिली कोर्ट जज, एनडीपीएस कोर्ट तथा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के विशेष न्यायाधीश सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।

सिक्किम से पटना तक का सफर

उनके शानदार करियर में एक और बड़ा मोड़ 15 अप्रैल 2015 को आया जब वे सिक्किम हाई कोर्ट की पहली महिला स्थायी जज नियुक्त की गईं। वे सिक्किम हाई कोर्ट में कई बार कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं। अब पूर्वोत्तर भारत की इस सबसे अनुभवी महिला न्यायाधीश को बिहार के सबसे पुराने और बड़े उच्च न्यायालयों में से एक का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।

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