सोमवार को वैश्विक तेल बाजार में अचानक बड़ी हलचल देखने को मिली, जब ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 8% की तेज उछाल दर्ज की गई और यह 103 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। पिछले सप्ताह आई गिरावट के बाद यह तेजी बाजार के लिए चौंकाने वाली रही।
इस उछाल की सबसे बड़ी वजह Donald Trump द्वारा लिया गया बड़ा फैसला है। उन्होंने Strait of Hormuz में अमेरिकी नाकाबंदी (ब्लॉकेड) की घोषणा कर दी है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे अहम तेल ट्रांजिट मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब अमेरिका और Iran के बीच सप्ताहांत में हुई वार्ता विफल हो गई। पहले से जारी तनाव इस असफल बातचीत के बाद और बढ़ गया है।
नई पाबंदियों के तहत उन जहाजों को निशाना बनाया जाएगा जो ईरान के बंदरगाहों में प्रवेश कर रहे हैं या वहां से निकल रहे हैं। यह नियम सोमवार सुबह 10 बजे (ईस्टर्न टाइम) से लागू हो चुका है। इससे ईरान के तेल निर्यात पर सीधा असर पड़ेगा और वैश्विक सप्लाई में कमी आ सकती है।
इस घटनाक्रम के बाद दुनियाभर के बाजारों में चिंता बढ़ गई है। कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का सीधा असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ेगा, जिससे आम जनता की जेब पर बोझ बढ़ सकता है। साथ ही, महंगाई में भी तेजी आने की आशंका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है, तो आने वाले दिनों में तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें दोनों देशों के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

