डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: ऑटोमोबाइल बाजार के बदलते माहौल और ऑपरेशनल कॉस्ट को कंट्रोल करने के लिए टाटा कमिंस प्रबंधन ने एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपने जमशेदपुर टेल्को स्थित प्लांट की कार्यप्रणाली में अस्थाई तौर पर बड़ा फेरबदल किया है। इस नए शेड्यूल के तहत प्लांट में लगातार तीन दिनों तक उत्पादन का काम ठप रहेगा। प्लांट हेड अजितेश मोंगा द्वारा जारी आधिकारिक सर्कुलर के अनुसार कंपनी आगामी शनिवार से बुधवार के बीच आंशिक रूप से चलेगी, जबकि बीच में दो दिनों की पूरी बंदी रहेगी।
कैसा रहेगा टाटा कमिंस का नया शेड्यूल?
कंपनी द्वारा जारी सर्कुलर के मुताबिक 30 मई से 3 जून तक का नया वर्किंग शेड्यूल है।
30 मई (शनिवार): प्लांट में आंशिक परिचालन रहेगा।
31 मई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश के कारण प्लांट बंद रहेगा।
1 जून (सोमवार): कारखाने में उत्पादन कार्य पूरी तरह बंद रहेगा।
2 जून (मंगलवार): इस दिन भी पूर्ण बंदी लागू रहेगी।
3 जून (बुधवार): प्लांट दोबारा आंशिक रूप से चालू किया जाएगा।
रविवार की साप्ताहिक छुट्टी के साथ सोमवार और मंगलवार की बंदी जुड़ जाने के कारण प्लांट में लगातार 3 दिनों तक उत्पादन का काम पूरी तरह से ठप रहेगा।
इस बड़े बदलाव के पीछे क्या है वजह?
प्रबंधन का कहना है कि यह कदम सिर्फ लागत घटाने के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की तैयारियों के लिए उठाया गया है। इस अस्थाई बदलाव के मुख्य उद्देश्य हैं।
मेंटेनेंस और क्वालिटी: लगातार बंदी के दौरान प्लांट के भीतर प्रिवेंटिव मेंटेनेंस (रखरखाव) और गुणवत्ता मानकों को मजबूत किया जाएगा।
इन्वेंट्री मैनेजमेंट: वर्तमान ऑटोमोबाइल मार्केट की परिस्थितियों को देखते हुए इन्वेंट्री को संतुलित करना।
कस्टमर सप्लाई: ग्राहकों की बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण सप्लाई को बिना प्रभावित किए समय पर पूरा करना।
कर्मचारियों के लिए क्या हैं निर्देश?
कंपनी ने साफ किया है कि बंदी या आंशिक परिचालन के दौरान भी जरूरी काम नहीं रुकेंगे। सभी डिपार्टमेंटल हेड्स को उन चुनिंदा कर्मचारियों की लिस्ट बनाने को कहा गया है, जिनकी जरूरत इन दिनों में मेंटेनेंस या अन्य जरूरी कामों के लिए होगी। जिन कर्मचारियों की ड्यूटी इस लिस्ट के तहत लगाई जाएगी, उनके लिए यह सामान्य कार्य दिवस माना जाएगा और उन्हें अपनी तय शिफ्ट और समय पर उपस्थित होना होगा।
यूनियन और प्रबंधन का साथ
जमशेदपुर के टेल्को स्थित इस अत्याधुनिक प्लांट में हैवी और मीडियम कमर्शियल वाहनों के लिए इंजन बनाए जाते हैं। कंपनी अधिकारियों के मुताबिक मार्केट की डिमांड को प्रभावित किए बिना फैक्ट्री की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए प्रबंधन और यूनियन मिलकर इस रणनीति पर काम कर रहे हैं।

