सावधान! उपायुक्त राजीव रंजन के नाम पर साइबर ठग सक्रिय, फ्रेंड रिक्वेस्ट या मैसेज आए तो तुरंत करें ये काम

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: सोशल मीडिया पर सरकारी अधिकारियों के नाम का सहारा लेकर ठगी करने वाले साइबर अपराधी अब बेहद शातिर हो चुके हैं। ताजा मामला जिला उपायुक्त राजीव रंजन से जुड़ा है। साइबर ठगों ने उपायुक्त के नाम और फोटो का गलत इस्तेमाल कर फेसबुक पर एक फर्जी प्रोफाइल बनाई है। इस फर्जी आईडी के जरिए आम लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट और संदिग्ध मैसेज भेजे जा रहे हैं। मामला सामने आते ही जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है और साइबर सेल की मदद से आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

प्रशासन की चेतावनी: न मांगते हैं पैसे, न भेजते हैं रिक्वेस्ट
​जिला प्रशासन ने इस मामले में स्थिति स्पष्ट करते हुए आम जनता के लिए एक जरूरी एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन के मुताबिक उपायुक्त अपनी किसी भी व्यक्तिगत फेसबुक आईडी से आम नागरिकों को फ्रेंड रिक्वेस्ट नहीं भेजते हैं।
​अगर इस आईडी से आर्थिक सहायता, धनराशि, किसी गुप्त जानकारी या किसी दूसरे तरह की मांग की जाती है, तो वह पूरी तरह फर्जी है।

अगर आपके पास आए ऐसा मैसेज, तो तुरंत करें ये 3 काम
​प्रशासन ने अपील की है कि अगर आपको इस फर्जी प्रोफाइल से कोई संपर्क करने की कोशिश करता है, तो घबराने के बजाय समझदारी से काम लें।
अनदेखा करें : किसी भी फ्रेंड रिक्वेस्ट या मैसेज को स्वीकार न करें और न ही कोई रिप्लाई दें।
रिपोर्ट करें : तुरंत उस फेसबुक प्रोफाइल पर जाकर ‘Report’ विकल्प का उपयोग करें ताकि फेसबुक उसे ब्लॉक कर सके।
पुलिस को बताएं : अगर आपको वित्तीय धोखाधड़ी या साइबर क्राइम की आशंका हो, तो बिना देर किए अपने नजदीकी थाने या साइबर क्राइम सेल में इसकी शिकायत दर्ज कराएं। सोशल मीडिया पर किसी भी रसूखदार व्यक्ति या अधिकारी के नाम से आने वाले संदेशों की सत्यता जांचे बिना अपनी पर्सनल डिटेल्स या बैंक संबंधी जानकारी कभी भी साझा न करें। सतर्कता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।

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