30 जुलाई से शुरू होने वाले राजकीय श्रावणी मेला को लेकर प्रशासन अलर्ट, 22 QRT, ATS, NDRF और डॉग स्क्वाड भी रहेंगे तैनात
राजकीय श्रावणी मेला-2026 के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर देवघर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया एवं पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने सभी संबंधित अधिकारियों के साथ आईएसबीटी बाघमारा बस स्टैंड से संपूर्ण रूटलाइन का निरीक्षण किया। इस दौरान दुम्मा बॉर्डर, कोटिया कांवर पथ और खिजुरिया कांवर पथ समेत विभिन्न प्रमुख स्थलों का जायजा लेते हुए अधिकारियों ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि शौचालय, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था सहित सभी मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य 22 से 25 जुलाई तक पूरे कर लिए जाएंगे। वहीं 29 जुलाई तक सभी तैयारियों को अंतिम रूप देकर 30 जुलाई से शुरू होने वाले राजकीय श्रावणी मेला के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार रहेगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाए जा रहे फुट ओवरब्रिज (FOB) का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इसके उद्घाटन से पहले लोड टेस्ट कराया जाएगा ताकि इसकी सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा 17 जुलाई से शुरू होने वाले बंगला श्रावणी मेला को देखते हुए बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम दर्शन की सुविधा मिल सके।
अभूतपूर्व रहेगी सुरक्षा व्यवस्था
श्रावणी मेला-2026 के लिए पुलिस मुख्यालय ने 10,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की है। कांवरिया पथ पर स्थापित सभी अस्थायी पुलिस पोस्ट (OP/TOP) पर सुरक्षा बल मौजूद रहेंगे। भीड़ नियंत्रण और आपात स्थिति से निपटने के लिए 22 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) गठित की गई हैं, जो पूरे मेला क्षेत्र में लगातार मोबाइल गश्त करेंगी।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए 13 ट्रैफिक आउटपोस्ट (TOP) बनाए गए हैं। वहीं सुरक्षा के मद्देनज़र एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS/HIT टीम), बम निरोधक दस्ता (BDS), दो डॉग स्क्वाड और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें भी तैनात रहेंगी। मेला क्षेत्र के विभिन्न प्रवेश द्वारों पर हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) और डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) के माध्यम से श्रद्धालुओं की सघन जांच की जाएगी।
प्रशासन का लक्ष्य राजकीय श्रावणी मेला-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह सुविधाजनक बनाना है, ताकि देश-विदेश से बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों शिवभक्तों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

