धनबाद : ममता की ऐसी पुकार, जिसे सुनकर किसी का भी दिल पिघल जाए। कतरास के दास टोला की रहने वाली बॉबी देवी इन दिनों अपने 13 वर्षीय बेटे रितेश दास की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर हैं। हाथ में बेटे की तस्वीर लिए हर दरवाजे पर गुहार लगा रही इस माँ की आँखों में सिर्फ एक ही सवाल है—“मेरा बच्चा आखिर कहां है?”
बताया जाता है कि रितेश दास करीब तीन महीने पहले सरस्वती पूजा देखने के लिए घर से निकला था। हर साल की तरह वह उत्साह के साथ पूजा देखने गया, लेकिन इस बार वह वापस नहीं लौटा। परिवार वालों ने पहले आसपास के इलाकों में खोजबीन की, दोस्तों और रिश्तेदारों से संपर्क किया, लेकिन हर जगह से सिर्फ निराशा ही हाथ लगी।
परिजनों के अनुसार, मामले की शिकायत स्थानीय थाने में भी दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। पुलिस की ओर से आश्वासन तो मिला, लेकिन रितेश का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ती जा रही है।
माँ बॉबी देवी की हालत बेहद दयनीय हो चुकी है। वह रो-रोकर बस एक ही बात कहती हैं—“मेरा बच्चा मुझे वापस दे दो। लोग चाहे उसे मंदबुद्धि कहते हों, लेकिन मेरे लिए वह मेरा राजा बेटा है।”
इस घटना ने न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक एक माँ अपने बेटे की राह ताकती रहेगी और कब पुलिस इस मामले में ठोस कदम उठाएगी।
अपील:
यदि किसी को रितेश दास के बारे में कोई भी जानकारी मिले, तो तुरंत नजदीकी थाना या परिवार से संपर्क करें। एक माँ की ममता आज भी अपने बेटे के लौटने का इंतजार कर रही है।

