डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : भारतीय स्टील दिग्गज टाटा स्टील ने सस्टेनेबिलिटी और कार्बन-मुक्त भविष्य की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाया है। कंपनी ने टीपी आदर्श लिमिटेड में 26 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी हासिल कर ली है। इस रणनीतिक निवेश का मुख्य उद्देश्य टाटा स्टील के औद्योगिक कार्यो को नवीकरणीय ऊर्जा के जरिए संचालित करना है।
डील की मुख्य बातें
टाटा स्टील ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को इस अधिग्रहण की औपचारिक जानकारी दी है।
सौदे की बारीकियां
निवेश राशि: टाटा स्टील ने कुल 5.90 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
शेयरों की संख्या: कंपनी ने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 59 लाख इक्विटी शेयर खरीदे हैं।
साझेदारी: यह अधिग्रहण टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड और TPAL के साथ हुए ‘शेयर सब्सक्रिप्शन एंड शेयर होल्डर्स एग्रीमेंट’ के तहत पूरा हुआ है।
नया स्टेटस: इस निवेश के बाद TPAL अब टाटा स्टील की अप्रत्यक्ष सहयोगी कंपनी बन गई है।
क्यों खास है यह कदम?
टाटा स्टील का यह फैसला महज एक वित्तीय निवेश नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ी ‘ग्रीन रणनीति’ छिपी है।
कार्बन मुक्त लक्ष्य: कंपनी अपने भारी औद्योगिक ऑपरेशंस से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करना चाहती है।
सस्टेनेबिलिटी: टाटा समूह का लक्ष्य 2045 तक शुद्ध शून्य (Net Zero) कार्बन उत्सर्जन हासिल करना है, जिसमें यह निवेश अहम भूमिका निभाएगा।
स्वच्छ ऊर्जा: TPAL के जरिए टाटा स्टील को सौर और पवन ऊर्जा जैसे स्वच्छ स्रोतों से बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
वहीं बाजार विश्लेषकों का मानना है कि टाटा स्टील का यह कदम न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि लंबे समय में ऊर्जा लागत को कम करने में भी सहायक सिद्ध होगा।

