बिहार की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया है। शुक्रवार को हुए फ्लोर टेस्ट में ध्वनि मत (Voice Vote) के जरिए सरकार को बहुमत मिला। विधानसभा अध्यक्ष ने पुष्टि करते हुए कहा कि सरकार ने सफलतापूर्वक विश्वास प्रस्ताव जीत लिया है। इसके बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
फ्लोर टेस्ट से पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहली बार सदन को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण में नीतीश कुमार के कार्यकाल की सराहना की और कहा कि उनका लक्ष्य बिहार को समृद्ध बनाना है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में पूरा NDA एकजुट है।
इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला। खासकर तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता किसी की बपौती नहीं होती और विरासत की राजनीति से बाहर आना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें बिहार की 14 करोड़ जनता का आशीर्वाद मिला है, जिससे वे मुख्यमंत्री बने हैं।
अपने पुराने विवादों का जिक्र करते हुए सम्राट चौधरी ने लालू प्रसाद यादव पर आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में उन्हें और उनके परिवार के 22 सदस्यों को जेल भेजा गया था। उन्होंने कहा कि वही संघर्ष आज उन्हें इस मुकाम तक लेकर आया है।
उम्र और शिक्षा को लेकर उठे सवालों पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने हलफनामे में सभी जानकारी दी है और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया है।
कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति में सम्राट चौधरी सरकार ने मजबूती के साथ अपनी स्थिति साफ कर दी है और बहुमत साबित कर आगे की राह मजबूत कर ली है।

