पुलवामा आतंकी हमले में शामिल आतंकवादी हमजा बुरहान की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। बताया जा रहा है कि पीओके के मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों ने हमजा बुरहान को निशाना बनाकर कई गोलियां चलाईं। हमजा की मौके पर ही मौत हो गई। भारत ने 2022 में हमजा बुरहान को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम UAPA के तहत आतंकी घोषित किया था।
अज्ञात हमलावरों ने गोलियों से किया छलनी
हमजा बुरहान को PoK के मुजफ़्फ़राबाद के पास एक घने जंगली इलाके में अज्ञात हमलावरों ने निशाना बनाया गया है। हमलावरों ने उस पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। जिससे कई गोलियां लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
भारत ने 2022 में आतंकवादी घोषित किया था
पुलवामा का रहने वाला बुरहान जिसका असली नाम अर्जुमंद गुलज़ार डार है। वह पिछले कई सालों से PoK में एक स्कूल टीचर का फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। इसी आड़ में वह आतंकी ट्रेनिंग कैंप और घुसपैठ के नेटवर्क चला रहा था। उसे केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 2022 में आतंकवादी घोषित किया था।
भारत से पाकिस्तान जाकर आतंकी संगठन से जुड़ा
वह मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा का रहने वाला था। 23 साल का हमजा, आतंकी संगठन अल बद्र से जुड़ा हुआ था। अल बद्र को सरकार ने आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है। सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक वह कानूनी तरीके से पाकिस्तान गया था। वहां जाकर वह अल बद्र में शामिल हो गया और बाद में संगठन का सक्रिय आतंकी और कमांडर बन गया। अभी वह पाकिस्तान से ही काम कर रहा है। उस पर आरोप है कि वह युवाओं को अल बद्र में शामिल होने के लिए उकसाता है और संगठन की आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग भी करता है।
पुलवामा के साथ पहलगाम हमले का मुख्य साज़िशकर्ता
14 फरवरी 2019 में पुलवामा में हमला हुआ था, जिसमें CRPF के 40 जवान शहीद हो गए थे। हमज़ा बुरहान पुलवामा हमले के मुख्य साज़िशकर्ताओं में से एक था। एनआईए की जांच में हमजा बुरहान को इस आतंकी हमले का मास्टरमाइंड माना गया था। पुलवामा के अलावा वह जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का भी मुख्य साजिशकर्ता था। पाकिस्तान में बैठकर वुरहान हमला जम्मू कश्मीर में कई हमलों को अंजाम दे चुका था। सुरक्षा एजेंसियों की इस पर कड़ी नजर थी।

