डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: सिक्किम पुलिस के इतिहास में गुरुवार का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। गंगटोक के ऐतिहासिक पालजोर स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सिक्किम पुलिस को देश के सर्वोच्च पुलिस सम्मान ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ से सम्मानित किया। इस गौरवमयी उपलब्धि के साथ ही सिक्किम पुलिस यह सम्मान पाने वाली देश की 15वीं राज्य पुलिस और पूर्वोत्तर की तीसरी पुलिस बल बन गई है। सिक्किम के अपने तीन दिवसीय दौरे के आखिरी दिन राष्ट्रपति मुर्मु ने इस अलंकरण परेड की सलामी ली और पुलिस व्यवस्था को लेकर देश को एक बड़ा संदेश दिया।
‘शासन और नियंत्रण’ नहीं, अब ‘सहयोग और सुरक्षा’ का समय: राष्ट्रपति
समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारतीय पुलिस व्यवस्था में बड़े बदलाव की वकालत की। उन्होंने कहा कि हमारी पुलिस व्यवस्था लंबे समय तक औपनिवेशिक सोच से प्रभावित रही है, जहां जनता की सेवा से ज्यादा शासन और नियंत्रण पर जोर था। लेकिन आधुनिक भारत में इस सोच को पूरी तरह बदलना होगा। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि देश की पुलिस को अधिक जनहितैषी, पारदर्शी, संवेदनशील और जवाबदेह बनना होगा। आम नागरिक को पुलिस से डरने की जरूरत नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे पुलिस में एक सहयोगी, संरक्षक और मार्गदर्शक दिखना चाहिए। उन्होंने अपील की कि हर नागरिक बिना किसी डर के अपनी शिकायत दर्ज करा सके, ऐसा माहौल बनाना लोकतांत्रिक शासन की मूल आवश्यकता है।
1897 से शुरू हुआ सफर, आज UN तक गूंज
राष्ट्रपति ने सिक्किम पुलिस के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि साल 1897 में भारत-तिब्बत व्यापार मार्ग की सुरक्षा के लिए इस बल की स्थापना हुई थी। आज यह बल न केवल राज्य में शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रख रहा है, बल्कि इसके कई अधिकारियों को संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में उत्कृष्ट सेवा के लिए ‘यूएन पीसकीपिंग मेडल’ भी मिल चुका है, जो पूरे देश के लिए गर्व की बात है। सिक्किम की सामरिक अहमियत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसकी सीमाएं तीन देशों से मिलती हैं और यहां भारी संख्या में पर्यटक आते हैं। ऐसे में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल और पर्यटकों की सुरक्षा सिक्किम पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
साइबर क्राइम और डीपफेक को बताया ‘नया विलेन’
बदलते दौर की चुनौतियों पर बात करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि आज पुलिस के सामने अपराधियों को पकड़ने के अलावा डिजिटल चुनौतियां भी हैं।
बढ़ते खतरे: साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, हैकिंग और डीपफेक जैसी तकनीकें पुलिस के लिए नई परीक्षा हैं।
समाधान: इन भौगोलिक सीमाओं से परे फैले अपराधों से निपटने के लिए पुलिस को आधुनिक तकनीक और डिजिटल जांच क्षमताओं से लैस होना होगा। साथ ही राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है
भव्य परेड के साथ संपन्न हुआ दौरा
समारोह का मुख्य आकर्षण सिक्किम पुलिस की ‘अलंकरण परेड’ रही, जिसका नेतृत्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. छिरिंग नामग्याल ग्यात्सो ने किया। सिक्किम आर्म्ड पुलिस, आईआरबीएन और महिला-पुरुष प्लाटूनों के अनुशासित प्रदर्शन ने राष्ट्रपति का दिल जीत लिया। इस कार्यक्रम में सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर, मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग, मुख्य सचिव आर. तेलंग और डीजीपी अक्षय सचदेवा सहित कई दिग्गज मौजूद रहे। इस सफल आयोजन के बाद राष्ट्रपति मुर्मु लिबिंग हेलीपैड से रवाना हुई और उनका तीन दिवसीय सिक्किम दौरा संपन्न हो गया।

