डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : पश्चिमी सिंहभूम जिले के जेटेया में गुरुवार दोपहर कुदरत का ऐसा कहर बरपा कि एक स्कूल की छत ताश के पत्तों की तरह हवा में उड़ गई। इस भयानक हादसे में कमरे के भीतर मौजूद तीन छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। गनीमत रही कि कमरे में मौजूद अन्य पांच छात्रों ने सूझबूझ दिखाई और एक कोने में छिपकर अपनी जान बचाई, वरना हादसा और भी भयावह हो सकता था।
कमरे में मची चीख-पुकार, सिर और घुटने में आई चोटें
चश्मदीदों के मुताबिक गुरुवार दोपहर अचानक मौसम बदला और तेज आंधी चलने लगी। इसी दौरान जेटेया के ईसीआई इंग्लिश मीडियम स्कूल के भवन पर लगी एस्बेस्टस शीट और छप्पर उखड़ गए और सीधे कमरे के भीतर आ गिरे।
उस वक्त कमरे में 8 छात्र मौजूद थे। एस्बेस्टस की भारी शीट गिरने से तीन छात्र इसकी चपेट में आ गए। घायलों में स्टेनली पिंगोर (सिर में गंभीर चोट), रोशन लागुरी (सिर में चोट), सलन दरई (घुटने में चोट) शामिल है। बाकी के 5 छात्रों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत कमरे के एक सुरक्षित कोने की शरण ली, जिससे वे बाल-बाल बच गए।
मुखिया और ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा, अस्पताल में भर्ती
घटना की भनक लगते ही जेटेया पंचायत के मुखिया संजीत कुमार तिरिया तुरंत ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। मलबे के बीच से बच्चों को निकालकर आनन-फानन में जेटेया अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। मुखिया ने बताया कि आंधी इतनी तेज थी कि पलक झपकते ही पूरी छत साफ हो गई। जेटेया पंचायत के मुखिया संजीत कुमार तिरिया ने बताया कि अचानक आई तेज आंधी से एस्बेस्टस शीट उड़कर नीचे गिर गई। गनीमत रही कि पांच बच्चों ने कोने में छिपकर जान बचाई। ग्रामीणों की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया है।
अब मरम्मत की बड़ी चुनौती
इस प्राकृतिक आपदा के बाद स्कूल की छत पूरी तरह तबाह हो चुकी है। शिक्षिका के अनुसार स्कूल को दोबारा सुचारू रूप से शुरू करने के लिए अब पूरी छत को नए सिरे से डलवाने और भवन की मरम्मत की सख्त जरूरत है। घटना के बाद से ही स्कूल परिसर में सहमे हुए ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटी हुई है।

