डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर : आस्था और सांस्कृतिक परंपरा के महापर्व श्री जगन्नाथ रथ यात्रा-2026 को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। आगामी 16 जुलाई को निकलने वाली भव्य रथ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला उपायुक्त राजीव रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब ने समाहरणालय सभागार में एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक की। इस बैठक में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं को लेकर संबंधित विभागों को कड़े और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: चप्पे-चप्पे पर होगी नजर
वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब ने बैठक में साफ किया कि रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए प्रशासन कई कदम उठा रहा है।
सुरक्षा बलों की भारी तैनाती: रथ यात्रा मार्ग पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, महिला पुलिस कर्मी और ट्रैफिक पुलिस के जवान तैनात रहेंगे।
ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी: संवेदनशील और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों पर तीसरी आंख और ड्रोन कैमरों के जरिए पल-पल की मॉनिटरिंग की जाएगी।
क्विक रिस्पॉन्स टीम : किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स सुनिश्चित किया जाएगा।
बुनियादी सुविधाओं पर उपायुक्त का सख्त निर्देश
जिला उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि रथ यात्रा सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि जन-आस्था से जुड़ा एक बड़ा महापर्व है। इसमें जुटने वाली भारी भीड़ को देखते हुए उन्होंने सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने को कहा है।
स्वास्थ्य सेवा: रथ यात्रा मार्ग पर एम्बुलेंस और मेडिकल टीमों की तैनाती मुस्तैद रहेगी।
साफ-सफाई और पेयजल: नगर निकाय को पूरे रूट पर सफाई व्यवस्था, पीने के पानी के टैंकर और मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी दी गई है।
आपातकालीन सेवाएं: अग्निशमन विभाग को पूरी मुस्तैदी के साथ अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
रूट डायवर्जन और ट्रैफिक के लिए विशेष तैयारी
बैठक में यह भी तय किया गया कि रथ यात्रा के दिन आम जनता को जाम से न जूझना पड़े, इसके लिए यातायात डायवर्जन और पार्किंग की विशेष व्यवस्था की जाएगी। रथ यात्रा मार्ग का पहले ही बारीकी से निरीक्षण कर लिया जाएगा।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था होगी। आपातकालीन निकासी योजना तैयार रखी जाएगी। घोषणाओं और जरूरी सूचनाओं के लिए सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली और एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष भी एक्टिव रहेगा।
इस बैठक में जिले के सभी वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए, जिन्हें समय सीमा के भीतर अपनी सभी तैयारियां पूरी करने का अल्टीमेटम दिया गया है।

