डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया का खतरा तेजी से पांव पसार रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला भर में चलाए गए जांच अभियान के दौरान मलेरिया के 58 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। चिंताजनक बात यह है कि कुल मिले मामलों में से एक तिहाई से ज्यादा केस अकेले पोटका प्रखंड से सामने आए हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड पर आ गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिला भर में 6,781 लोगों की जांच (ब्लड टेस्ट) की थी, जिसमें 58 लोगों में मलेरिया संक्रमण पाया गया।
पोटका में सबसे बुरा हाल, गंभीर PF केस भी मिले
आंकड़ों के मुताबिक पोटका प्रखंड मलेरिया का मुख्य केंद्र बनकर उभरा है, जहां अकेले 22 नए मरीज मिले हैं। वहीं जिले में मिले कुल मरीजों में से 43 मरीज पीएफ यानी गंभीर मलेरिया से पीड़ित हैं, जो सेहत के लिहाज से बेहद खतरनाक माना जाता है। इसके अलावा 13 मरीज सामान्य मलेरिया और 2 मरीज मिक्स इन्फेक्शन के पाए गए हैं।
कहां-कितने मरीज आए सामने?
पोटका: 22 मरीज (सबसे ज्यादा)
पटमदा: 09 मरीज
मुसाबनी: 07 मरीज
घाटशिला: 07 मरीज
सदर अस्पताल: 05 मरीज
डूमरिया: 06 मरीज
धालभूमगढ़: 01 मरीज
जुगसलाई: 01 मरीज
शहरी इलाकों से राहत की खबर
ग्रामीण इलाकों में जहां मलेरिया के मामलों में उछाल देखा जा रहा है, वहीं जिले के प्रमुख शहरी क्षेत्रों से राहत भरी खबर है। अर्बन मानगो, अर्बन बिरसानगर, बहरागोड़ा और चाकुलिया में जांच के दौरान मलेरिया का एक भी नया मामला सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग अब पोटका समेत ज्यादा प्रभावित इलाकों में फॉगिंग, मच्छरदानी वितरण और लार्वा रोधी दवाओं के छिड़काव को बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।

