सावन के अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर झारखंड के साहिबगंज जिले स्थित भगवान भोलेनाथ के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। उत्तरवाहिनी गंगा की अविरल धारा और राजमहल की पहाड़ियों की श्रृंखला के बीच प्रकृति की गोद में स्थित बाबा मोतीनाथ और बाबा शिवगादी धाम में इस अवसर पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
राजमहल प्रखंड के महाराजपुर स्थित प्रसिद्ध मोती झरना धाम में वर्षों पुरानी प्राकृतिक गुफा के अंदर स्थापित शिवलिंग पर दूर-दूर से आए श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना कर रहे हैं। इस धाम की सुंदरता को यहाँ बहने वाला जलप्रपात और भी खास बनाता है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों के बीच कई प्राचीन मान्यताएं और कथाएं प्रचलित हैं।
दूसरी ओर साहिबगंज का प्रसिद्ध शिवगादी धाम भी श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है, जहाँ राजमहल के उत्तरवाहिनी गंगा तट से काँवरिया जल लेकर पैदल पहुँच रहे हैं। पहाड़ियों के बीच गुफा में विराजमान बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर भक्त अपनी मनोकामनाएँ पूरी होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर समिति ने सुरक्षा, पेयजल और साफ-सफाई के विशेष इंतजाम किए हैं। उत्तरवाहिनी गंगा और राजमहल की पहाड़ियों के बीच बसे इन दोनों धामों में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से पूरा क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय नजर आ रहा है।

