डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : पश्चिम बंगाल में पर्यटन के क्षेत्र को आधुनिक और आकर्षक बनाने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। हाल ही में राज्य सचिवालय ‘नवान्न’ में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई, जिसमें पहाड़ से लेकर समुद्र तटों तक पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के कई अहम फैसले लिए गए। सरकार का मुख्य उद्देश्य बंगाल की प्राकृतिक खूबसूरती को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाना है।
इन खास सुविधाओं का मिलेगा लाभ
आने वाले दिनों में बंगाल घूमने आने वाले पर्यटकों को कई आधुनिक और रोमांचक सेवाएं मिलेंगी।
दार्जिलिंग में रोपवे: पहाड़ी इलाकों में लगने वाले ट्रैफिक जाम से पर्यटकों को राहत दिलाने और सफर को सुहाना बनाने के लिए रोपवे सेवा शुरू की जाएगी।
सुंदरबन में लग्जरी क्रूज: नदी पर्यटन (रिवर क्रूज टूरिज्म) को बढ़ावा देने के लिए सुंदरबन के जलमार्गों पर आधुनिक लग्जरी क्रूज चलाए जाएंगे।
दीघा और मंदारमणि में रोमांच: समुद्र तटों पर आने वाले सैलानियों के मनोरंजन के लिए हाई-स्पीड बोट उतारी जाएंगी। बंगाल के सुंदर प्राकृतिक स्थलों को डेस्टिनेशन वेडिंग के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे राज्य में पर्यटन अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर जोर
रोमांचक गतिविधियों के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा को भी सर्वोपरि रखा गया है। सुंदरबन और दीघा-मंदारमणि जैसे जल-तटीय क्षेत्रों में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हर समय जल एंबुलेंस और रेस्क्यू बोट तैनात रहेंगी।
चार सितंबर को लॉन्च होगा नया लोगो
पर्यटन विभाग को एक नई पहचान देने और इसका आधुनिकीकरण करने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है। इसी कड़ी में आगामी चार सितंबर को जन्माष्टमी के पावन अवसर पर पर्यटन विभाग का नया लोगो जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी खुद एक विशेष कार्यक्रम में इस नए लोगो का अनावरण करेंगे।
राज्य सरकार के इन नए प्रयासों से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में बंगाल देश के सबसे पसंदीदा पर्यटन और विवाह स्थलों में से एक बनकर उभरेगा।

