बीसीसीएल के ई-ब्लॉक प्रोजेक्ट पर संशय के बादल, विजय झा ने सुरक्षा और पुनर्वास पर मांगी स्पष्टता

Reena Sharma
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888⁸डीजीएमएस की कार्यप्रणाली पर सवाल
बाघमारा के रानी बाजार स्थित अपने आवासीय कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान बियाडा के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार झा ने डीजीएमएस (खान सुरक्षा महानिदेशालय) की सुस्त कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीसीसीएल और आउटसोर्सिंग कंपनियों के कार्यों की समुचित निगरानी न होने से क्षेत्र में अवैध उत्खनन और जान-माल का नुकसान बढ़ रहा है।

5 लाख लोगों के विस्थापन की आशंका
झा ने बीसीसीएल की प्रस्तावित ई-ब्लॉक कोयला परियोजना को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि करीब 13 किलोमीटर के दायरे में आने वाली लगभग पांच लाख की आबादी पर विस्थापन का खतरा मंडरा रहा है, इसलिए प्रभावितों की नागरिक सुविधाओं और आवास को लेकर स्पष्ट व्यवस्था की जानी चाहिए।

वार्ड 1 से 13 पर प्रभाव
धनबाद नगर निगम के वार्ड संख्या 1 से 13 तक के विभिन्न इलाकों के इस परियोजना से प्रभावित होने का दावा किया गया है। विजय कुमार झा ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे परियोजना की पूरी जानकारी हासिल करें और अपने अधिकारों को लेकर जागरूक रहें।

क्या है पूरा मामला?
बीसीसीएल द्वारा कतरास, सिजुआ और कुसुंडा क्षेत्र की कई खनन परियोजनाओं को एकीकृत करके वर्ष 2027 से खनन शुरू करने का प्रस्ताव है। इस परियोजना के लिए कुल 1,930 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, जिसमें से 1,361 हेक्टेयर भूमि वर्तमान में बीसीसीएल के कब्जे में उपलब्ध है।

376 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य
इस परियोजना को कुल 27 वर्षों की अवधि में दो अलग-अलग चरणों में संचालित करने की योजना तैयार की गई है। इसके तहत वार्षिक 150 लाख टन क्षमता के साथ कुल 376 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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