​बासुकीनाथ धाम में भक्तों ने लुटाया खजाना: एक महीने में चढ़ा 8 किलो चांदी, 15 ग्राम सोना और 6 करोड़ रुपये

Manju
By Manju
2 Min Read

डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : राजकीय श्रावणी मेला 2026 का समापन हो गया है। एक महीने तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान देवघर के साथ-साथ उपराजधानी दुमका के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बासुकीनाथ धाम में भी आस्था का सैलाब उमड़ा। इस अवधि में करीब 30 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा बासुकीनाथ को जलार्पण कर अपनी मनोकामनाएं मांगी। भक्तों की इस भारी भीड़ ने मंदिर की आय के पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।

शीघ्रदर्शनम कूपन की बढ़ी कीमतें बनीं मुख्य वजह
मंदिर प्रबंधन की ओर से जारी अंतिम आंकड़ों के अनुसार, इस साल सावन के पूरे महीने में मंदिर को कुल 6,04,92,417 रुपये की रिकॉर्ड आय हुई है। इस बंपर कमाई में सबसे बड़ा योगदान ‘शीघ्रदर्शनम’ व्यवस्था का रहा। प्रबंधन ने इस साल कूपन की कीमत 300 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दी थी। इसके बावजूद श्रद्धालुओं में कम समय में दर्शन करने की होड़ मची रही, जिससे अकेले शीघ्रदर्शनम टिकटों की बिक्री से 5,36,59,000 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
​इसके अलावा, अन्य माध्यमों से हुई आय हुई है।

दानपेटी: 42,69,190 रुपये
गोलक: 22,69,505 रुपये
​अन्य स्रोत: 2,92,972 रुपये
​कपड़ा बिक्री: 1,750 रुपये

नकद के साथ जमकर चढ़ा सोना-चांदी
नकद राशि के अलावा शिव भक्तों ने बाबा के दरबार में कीमती धातुएं भी खुले दिल से अर्पित की। पूरे श्रावणी मेले के दौरान मंदिर को कुल 8 किलो 159 ग्राम चांदी और 15 ग्राम सोना प्राप्त हुआ है। चढ़ावे में चांदी के सिक्के, त्रिशूल, नाग और लोटे के साथ-साथ सोने की चेन और नथिया जैसी सामग्रियां शामिल हैं। मंदिर के सचिव सह एसडीओ कौशल कुमार के अनुसार मेले के दौरान सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था चाक-चौबंद रही। दानपेटियों और गोलकों की गिनती मंदिर प्रबंधन की कड़ी निगरानी में कई चरणों में पूरी की गई, जिसके बाद पूरी राशि को सुरक्षित सरकारी खजाने में जमा करा दिया गया है।

Share This Article