जमशेदपुर में बाढ़ का खतरा: उफनाई खरकाई और स्वर्णरेखा नदी, खतरे के निशान से ऊपर बह रहा पानी

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : ओडिशा और स्थानीय ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जमशेदपुर की नदियों का जलस्तर तेजी से खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। शहर की प्रमुख खरकाई नदी खतरे के निशान (129.00 मीटर) से 0.80 मीटर ऊपर यानी 129.80 मीटर पर बह रही है, जिससे प्रशासन ने तटीय इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

बांधों और बैराजों के गेट खोले गए
नदियों के बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने और दबाव कम करने के लिए प्रमुख जलाशयों के गेट खोल दिए गए हैं।
चांडिल डैम: इसके 13 मुख्य रेडियल गेट, 2 रोलर स्लुइस गेट, 2 इमरजेंसी स्लुइस गेट और 1 कनाल गेट खोले गए हैं, जिनसे 756.43 क्यूमेक्स पानी लगातार नदी में छोड़ा जा रहा है।
गालूडीह बैराज: इसके 6 स्पिलवे फाटक खोलकर 1937.08 क्यूमेक्स पानी की निकासी की जा रही है।
गंजिया बैराज: पानी के अत्यधिक दबाव के कारण इसके सभी 8 फाटक पूरी तरह खोल दिए गए हैं, जिससे 1013.09 क्यूमेक्स पानी निकल रहा है।
​ओडिशा: ब्यांगबिल डैम और खरकाई डैम का भी 1-1 फाटक खोला गया है।

नदियों की वर्तमान स्थिति (रविवार शाम 4 बजे तक)
खरकाई नदी (आदित्यपुर ब्रिज): सुबह 8 बजे यह खतरे के निशान से 0.21 मीटर ऊपर थी, जो बढ़कर शाम तक 0.80 मीटर ऊपर (129.80 मीटर) पहुंच गई और इसका बहाव लगातार ऊपर की ओर बना हुआ है।
स्वर्णरेखा नदी (मानगो ब्रिज): इसका जलस्तर बढ़कर 120.06 मीटर हो गया है, हालांकि यह अभी मानगो के खतरे के स्तर (121.50 मीटर) से नीचे है, लेकिन इसका ट्रेंड भी ऊपर की ओर है।

प्रशासन की अपील और निचले इलाकों में चेतावनी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीसी राजीव रंजन के निर्देश पर नगर निकायों ने तटीय इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। बागबेड़ा, कदमा, शास्त्रीनगर, जुगसलाई और मानगो के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे नदी किनारे या गहरे पानी के आसपास बिल्कुल न जाएं और पूरी सतर्कता बरतें।

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