​दर्दनाक हादसा: अंतिम संस्कार से लौटते वक्त उफनते नाले में बहे तीन लोग, दो की मौत, एक महिला लापता

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड अंतर्गत बहदा गांव में रविवार शाम एक भीषण हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गांव में एक अंतिम संस्कार के कार्यक्रम से लौट रहे एक ही परिवार के तीन सदस्य उफनते नाले के तेज बहाव में बह गए। इस हृदयविदारक घटना में दो लोगों की मौत हो चुकी है, जिनके शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि तीसरे लापता सदस्य की तलाश युद्ध स्तर पर जारी है।

अचानक आए पानी ने छीनी खुशियां
स्थानीय सूत्रों और मुंडा रोया सिंद्धू के मुताबिक, रविवार को गांव में एक अंतिम संस्कार का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में शामिल होने के बाद बोसेन सिंद्धू (55), उनकी छोटी मां प्यारी सिंद्धू (48) और भाभी सुनीता सिंद्धू (32) शाम करीब चार बजे अपने घर वापस लौट रहे थे। रास्ते में नाला पार करने के दौरान अचानक पहाड़ी क्षेत्र से आए मूसलाधार पानी के कारण नाले का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। पानी के इस भयंकर उफान को वे भाप नहीं पाए और देखते ही देखते तीनों तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए। परिवार के एक सदस्य ने उन्हें डूबते हुए देख लिया था, जिसके बाद फौरन ग्रामीणों को इसकी सूचना दी गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।

तलाश और बरामदगी
घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने अपने स्तर पर खोजबीन शुरू की। शाम करीब पांच बजे बोसेन सिंद्धू का शव नाले से बरामद कर लिया गया। इसके बाद रात करीब आठ बजे तलाशी अभियान का दायरा बढ़ाते हुए तितलीघाट के पास से प्यारी सिंद्धू का शव भी ढूंढ निकाला गया। वहीं तीसरी लापता महिला सुनीता सिंद्धू का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। छोटानागरा थाना पुलिस और स्थानीय ग्रामीण घटनास्थल से लेकर करीब पांच किलोमीटर के दायरे में नाले के चप्पे-चप्पे की छानबीन कर रहे हैं। सोमवार दोपहर को बरामद दोनों शवों को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का दौरा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए सोमवार सुबह मनोहरपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी शक्तिकुंज और अंचल अधिकारी प्रदीप कुमार सीधे बहदा गांव पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने शोक संतप्त परिजनों से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें हरसंभव सरकारी मदद का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार मिलने वाली आर्थिक सहायता और अन्य सरकारी लाभ तुरंत प्रदान किए जाएंगे। दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने के लिए मनोहरपुर प्रखंड प्रमुख गुरुवारी देवगम और उप मुखिया रमेश हासंदा भी गांव पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने परिवार को आश्वासन दिया कि प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधि इस संकट की घड़ी में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।

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