​15 लाख की सुपारी, यूपी के शूटर और जमीन का विवाद… जमशेदपुर के चर्चित निखार हत्याकांड में बड़ा खुलासा, पुलिस ने 6 को दबोचा

Manju
By Manju
4 Min Read

डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : चांडिल थाना क्षेत्र के आसनबनी स्थित टेंथ माइल होटल में बीते 24 अगस्त को हुए युवा व्यवसायी निखार सबलोक हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस सनसनीखेज वारदात के पीछे जमीन का विवाद और आपराधिक गैंगवार का कनेक्शन सामने आया है। जमशेदपुर के सीनियर एसपी डॉ. एहतेशाम बकारिब और सरायकेला एसपी मनोज स्वर्गियारी की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह खुलासा किया गया कि इस खौफनाक साजिश को अंजाम देने के लिए करीब 15 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी।

एसआईटी की त्वरित कार्रवाई और छह गिरफ्तारियां
वारदात की गंभीरता को देखते हुए कोल्हान डीआईजी के निर्देश पर पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी और सरायकेला-खरसावां के एसपी के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचना के आधार पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों में शामिल नाम
​अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव (निवासी- खुंटाडीह, सोनारी; जो इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है)
​राजकुमार सिंह उर्फ प्रिंस (लधुआ) (उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले का कुख्यात शूटर)
​अंकित सिंह (उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के कोतवाल देहात का रहने वाला शूटर, जिसने निखार पर चलाई थी गोली)
​सुनील रजक (निवासी- संजय पथ, मांगों; जो घटना के दौरान गाड़ी चला रहा था)
​रितेश सिंह (निवासी- लक्ष्मण नगर, मानगो)
​सुशील केराई (निवासी- सिदो-कान्हू बस्ती, सोनारी)

उत्तर प्रदेश के शूटरों ने दिया था घटना को अंजाम
पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि सोनारी के कारोबारी अशोक सिंह राघव ने इस मर्डर की पूरी पटकथा रची थी। उत्तर प्रदेश से बुलाए गए शूटर अंकित सिंह और राजकुमार सिंह ने होटल परिसर में इस वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी लाल रंग की आई-10 कार (संख्या जेएच 05 एन 5503) से फरार हुए थे, जिसे पुलिस ने रांची से बरामद कर जब्त कर लिया है। इसके अलावा पुलिस ने उनके पास से दो देसी पिस्तौल, सात जिंदा कारतूस और छह मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।

जमीन विवाद और आपराधिक इतिहास
मृतक के पिता संजीव सबलोक के बयान पर चांडिल थाने में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि यह पूरा मामला चांडिल के एक जमीन विवाद और अखिलेश-गणेश सिंह गिरोह की आपसी रंजिश से जुड़ा हो सकता है। पकड़े गए अधिकांश आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है, जिनमें अंकित सिंह, सुनील रजक और सुशील केराई पर पहले से ही हत्या, जानलेवा हमले और आर्म्स एक्ट के कई गंभीर मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि सुपारी के 15 लाख रुपये किसने मुहैया कराए थे और इस साजिश के पीछे किन-किन सफेदपोशों की संलिप्तता है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस मामले में कुछ और बड़े खुलासे किए जा सकते हैं।

Share This Article