धनबाद। लगातार हो रही भू-धंसान की घटनाओं और जान-माल के नुकसान के विरोध में गुरुवार को कतरास में बंद रहा। कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर विभिन्न संगठनों ने समर्थन दिया। बाजार और कई शिक्षण संस्थान बंद रहे, जबकि दवा और दूध जैसी जरूरी सेवाओं को बंद से अलग रखा गया। सुरक्षा को लेकर पुलिस ने शहर में गश्त की।
बाजार में बंद का असर
सुबह करीब नौ बजे बंद समर्थक बाजार में निकले और दुकानदारों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की। मुख्य मार्ग, सब्जी पट्टी, राजगंज रोड और हनुमान मेंसन मार्केट में अधिकांश दुकानें बंद रहीं। सड़कों पर सीमित संख्या में वाहनों की आवाजाही हुई।
कई स्कूल भी रहे बंद
बंद के दौरान डीएवी, होली मदर्स और किड्स केयर समेत कई शिक्षण संस्थान बंद रहे। टंडाबाड़ी, छाताबाद, लकड़का, सिजुआ और तेतुलमारी में भी भू-धंसान को लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है।
प्रभावित इलाकों में सुरक्षा की मांग
17 सितंबर को छाताबाद के खुशबू मोहल्ला में भू-धंसान से कई घरों में दरारें आने और सड़क प्रभावित होने की सूचना सामने आई थी। प्रभावित परिवारों ने पुनर्वास और सुरक्षा की मांग की थी। बीसीसीएल ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने और भराई कार्य की बात कही थी।
अवैध उत्खनन पर उठे सवाल
बंद समर्थक चुन्ना यादव ने आरोप लगाया कि भू-धंसान की घटनाओं के बावजूद अवैध उत्खनन पर प्रभावी रोक नहीं लग रही है। उन्होंने स्थानीय लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की। ये आरोप आंदोलनकारियों के हैं।
ई-मेगा प्रोजेक्ट का भी विरोध
बंद समर्थकों ने कुसुंडा से जमुनिया तक प्रस्तावित 17 किलोमीटर के ई-मेगा प्रोजेक्ट पर भी आपत्ति जताई। मोर्चा ने स्थानीय लोगों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए परियोजना पर पुनर्विचार की मांग की।
आंदोलन आगे बढ़ाने की चेतावनी
मोर्चा ने भू-धंसान का स्थायी समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा जांच, परिवारों के पुनर्वास, अवैध उत्खनन पर रोक और स्थायी समाधान की मांग दोहराई गई।

