झारखंड। MMDR संशोधन कानून के विरोध में राजद ने 24 सितंबर को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने संशोधन को झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के अधिकारों से जोड़ते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन
राजद की ओर से विभिन्न जिलों में धरना देकर MMDR संशोधन का विरोध किया गया। पार्टी नेताओं ने कहा कि झारखंड के खनिज संसाधनों से जुड़े राजस्व और राज्य के हितों को लेकर उनकी आपत्तियां हैं।
1.36 लाख करोड़ के बकाये का मुद्दा
धरने में झारखंड के करीब 1.36 लाख करोड़ रुपये के खनन संबंधी बकाये का मुद्दा भी उठाया गया। यह राशि राज्य सरकार के दावे से जुड़ी है और MMDR संशोधन के बाद इसकी कानूनी स्थिति को लेकर विवाद है।
योजनाओं पर असर की जताई आशंका
राजद नेताओं ने कहा कि खनिज राजस्व से जुड़े विवाद का असर राज्य की विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर पड़ सकता है। पार्टी ने राज्य के आर्थिक हितों की सुरक्षा की मांग की।
कानून वापस लेने की मांग
राजद ने MMDR संशोधन कानून को झारखंड के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। पार्टी नेताओं ने आंदोलन आगे भी जारी रखने की बात कही।
केंद्र के रुख से अलग है राजद का दावा
केंद्र सरकार का कहना है कि संशोधन राज्यों के भूमि और खनिज अधिकार नहीं छीनता तथा खनन से जुड़े कुल कर और वैधानिक भुगतानों का करीब 90 प्रतिशत राज्यों को मिलता रहेगा। वहीं झारखंड सरकार और विपक्षी दल संशोधन के वित्तीय असर को लेकर आपत्ति जता रहे हैं।

