डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर : उत्तर और मध्य भारत में मौसम ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, तेज हवाओं और लैंडस्लाइड) के कारण कई राज्यों में जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पहाड़ी से लेकर मैदानी इलाकों तक हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
उत्तराखंड: केदारनाथ यात्रा बाधित, हजारों श्रद्धालु फंसे
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर लगातार भूस्खलन होने से करीब 4,000 श्रद्धालु रास्ते में ही फंस गए हैं। पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिरने के कारण राहत और बचाव कार्यों में भारी बाधा आ रही है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा को फिलहाल स्थगित कर दिया है और सभी हेली सेवाओं को भी अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य के कई जिलों में अलग-अलग अलर्ट जारी किए गए हैं।
रेड अलर्ट: देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी।
ऑरेंज अलर्ट: उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग।
येलो अलर्ट: बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़।
उत्तर प्रदेश: 65 घंटे से जारी बारिश, 50 से अधिक मौतें।
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले 65 घंटों से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या और जौनपुर सहित करीब 45 शहरों में बारिश और 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही तेज हवाओं ने भारी तबाही मचाई है।
जान-माल का नुकसान: पिछले कुछ दिनों में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 50 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
अचानक बाढ़ का खतरा: राज्य के 22 जिलों में अचानक बाढ़ आने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
कृषि और बुनियादी ढांचा: किसानों की सैकड़ों बीघा फसलें पानी में डूबकर बर्बाद हो गई हैं। कई जगहों पर भारी हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के पोल उखड़ गए हैं, जिससे यातायात और बिजली आपूर्ति बाधित हुई है।
बिहार: कोसी और गंडक का उफान, 6,000 गांव प्रभावित
बिहार में नेपाल से लगे तराई क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण राज्य की नदियां उफान पर हैं। कोसी और गंडक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बाढ़ की वजह से राज्य के 17 जिलों के करीब 6,000 गांव बुरी तरह प्रभावित और टापू में तब्दील हो चुके हैं। लगभग 500 घरों के अंदर तक बाढ़ का पानी घुस गया है, जबकि अकेले सुपौल जिले के 50 गांवों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।
हिमाचल और राजस्थान में भी बदला मौसम का मिजाज
हिमाचल प्रदेश: राजधानी शिमला समेत कई हिस्सों में अचानक मौसम बदलने से बारिश दर्ज की गई। कल्पा में 20.5 मिमी और शिमला में 9 मिमी बारिश हुई, जबकि किन्नौर की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात होने से ठंड बढ़ गई है। पूह और छितकुल जैसे इलाके बर्फ की सफेद चादर से ढक गए हैं।
राजस्थान: वेस्टर्न डिस्टरबेंस और बंगाल की खाड़ी के चक्रवात के असर से राज्य के 16 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। कोटा के मंडाना और जैसलमेर के मोहनगढ़ में तेज बारिश के साथ ओले गिरने की भी खबर है।
प्रशासन सतर्क, राहत कार्य जारी
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात ‘अर्नब’ का असर अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है और आने वाले कुछ दिनों में बारिश की तीव्रता घटने की संभावना है। हालांकि, मौजूदा हालात से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और प्रभावित क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर राहत व बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं।

