झारखंड आंदोलनकारियों की ओर से बुधवार को झारखंड बंद बुलाया गया। राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर आंदोलनकारी पारंपरिक हथियारों, तीर-धनुष और भाला के साथ सड़क पर उतरे। प्रदर्शन के कारण चौक पर लंबा जाम लग गया। पुलिस मौके पर पहुंचकर स्थिति नियंत्रित करने और यातायात सामान्य कराने में जुटी रही।
सम्मान और अलग पहचान की मांग
आंदोलनकारियों ने गुरु शिबू सोरेन को झारखंड आंदोलन के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित करने के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी करने की मांग की। साथ ही राजकीय मान-सम्मान और अलग पहचान देने की मांग भी रखी।
रोजगार और पेंशन की मांग
आंदोलनकारियों ने अपने बेटे-बेटियों को रोजगार और नौकरी में 100 प्रतिशत गारंटी देने की मांग की। साथ ही जेल जाने की बाध्यता समाप्त कर सभी आंदोलनकारियों को 5 हजार रुपये सम्मान पेंशन देने की मांग उठाई।
सरकार के आश्वासन पर अमल नहीं होने का आरोप
आंदोलनकारियों का दावा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 30 सितंबर 2024 को मांगों को लेकर आश्वासन दिया था और सरकार की ओर से संकल्प भी लिया गया था, लेकिन अब तक अमल नहीं हुआ। कुछ अधिकारियों पर सरकार के आदेश का पालन नहीं करने का आरोप भी लगाया गया।
15 नवंबर को बड़े आंदोलन की चेतावनी
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो 15 नवंबर को राज्यभर के आंदोलनकारी रांची के बिरसा चौक पर जुटेंगे। इस दौरान 21 आंदोलनकारी आमरण अनशन पर बैठेंगे। आंदोलनकारियों ने आज के बंद को सांकेतिक बताते हुए कहा कि किसी के साथ जोर-जबरदस्ती नहीं की जा रही है।

