डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: टाटानगर से अमृतसर के बीच चलने वाली महत्वपूर्ण जलियांवाला बाग एक्सप्रेस (18103/18104) को लेकर यात्रियों की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (सीजीपीसी) ने इस ट्रेन को सर्दियों में रद्द न करने और सप्ताह में सिर्फ तीन दिन के बजाय प्रतिदिन (सातों दिन) संचालित करने की जोरदार मांग उठाई है। इस सिलसिले में सीजीपीसी के एक 31 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने दक्षिण पूर्व रेलवे के उप महाप्रबंधक मनीष जैन से मुलाकात कर उन्हें एक कड़ा ज्ञापन सौंपा है।
क्यों हो रही है रोजाना संचालन की मांग?
बढ़ती परेशानी: कमेटी का कहना है कि कोरोना काल से पहले यह ट्रेन नियमित रूप से चलती थी, लेकिन इसके बाद से इसका परिचालन सीमित कर दिया गया है।
यात्रियों की मजबूरी: जमशेदपुर, कोल्हान और आसपास के क्षेत्रों से रोजगार, व्यापार, शिक्षा, इलाज और पारिवारिक कारणों से बड़ी संख्या में लोग पंजाब और उत्तर भारत की यात्रा करते हैं।
वैकल्पिक ट्रेनों का अभाव: ट्रेन के सीमित फेरों के कारण यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है और वे अन्य ट्रेनों की टिकट बुकिंग के अनिश्चितता भरे हालातों पर निर्भर रहने को मजबूर हैं।
ठंड के मौसम में ट्रेन रद्द करने पर आपत्ति
ज्ञापन में इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई गई है कि हर साल ठंड और कोहरे के नाम पर इस ट्रेन को रद्द कर दिया जाता है। कमेटी का तर्क है कि सर्दियों के मौसम में ही पंजाब और उत्तर भारत जाने वाले यात्रियों की संख्या सबसे अधिक होती है, ऐसे में ट्रेन बंद होने से लोगों की परेशानियां कई गुना बढ़ जाती हैं।
पूरी नहीं हुई मांग तो होगा उग्र आंदोलन
सीजीपीसी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर रेल प्रशासन ने जल्द ही इस संबंध में कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो जमशेदपुर के आम नागरिकों और साध संगत के साथ मिलकर टाटानगर रेलवे स्टेशन पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर रेल चक्का जाम जैसी कड़ी कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटेगा।

