विश्व स्पाइन दिवस पर आयोजित विशेष सेमिनार में रीढ़ की गंभीर बीमारी से उबरकर दोबारा चलने वाले 30 मरीजों को ‘स्पाइन एम्बेसडर’ सम्मान दिया गया। कार्यक्रम में रीढ़ की बीमारियों, आधुनिक उपचार और बचाव के उपायों पर चर्चा हुई।
मरीजों ने साझा किए अनुभव
सम्मानित मरीजों ने इलाज से जुड़े अपने अनुभव बताए और समझाया कि सही उपचार से उनके जीवन में किस तरह सकारात्मक बदलाव आया।
समय पर पहचान जरूरी
वरिष्ठ स्पाइन सर्जन डॉ. गौतम आर. प्रसाद ने रीढ़ की बीमारियों की समय पर पहचान, उचित इलाज और बचाव के प्रति जागरूकता पर जोर दिया।
आधुनिक उपचार की जानकारी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉ. एनके सिंह, पूर्व विभागाध्यक्ष, हड्डी रोग विभाग, एनएमसीएच, पटना ने रीढ़ की बीमारियों के आधुनिक उपचार और समय पर चिकित्सकीय सलाह के महत्व पर प्रकाश डाला।
जागरूकता बढ़ाना मुख्य उद्देश्य
सेमिनार का उद्देश्य लोगों को रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारियों के प्रति जागरूक करना और उपलब्ध आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों की जानकारी देना था।

