हजारीबाग के झंडा चौक पर मंगलवार शाम करीब पांच बजे लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस के इस्तेमाल का अभ्यास किया गया। जिला प्रशासन और पुलिस के संयुक्त मॉक ड्रिल का उद्देश्य दुर्गा पूजा से पहले आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखना था।
भीड़ नियंत्रण का किया गया अभ्यास
मॉक ड्रिल में प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए सबसे पहले लाठीचार्ज की कार्रवाई दिखाई गई। इसके बाद वाटर कैनन के इस्तेमाल का प्रदर्शन किया गया।
आंसू गैस और फायरिंग की प्रक्रिया
काल्पनिक स्थिति में भीड़ नियंत्रित नहीं होने पर आंसू गैस के गोले छोड़ने और फायरिंग से जुड़ी प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। इस दौरान अलग-अलग परिस्थितियों में पुलिस की कार्रवाई प्रदर्शित की गई।
आपात स्थिति से निपटने की तैयारी
अभ्यास के जरिए पुलिसकर्मियों की तत्परता, आपसी समन्वय और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की क्षमता को परखा गया। इसका उद्देश्य तनावपूर्ण हालात में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना था।
दुर्गा पूजा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
प्रशासन ने व्यस्त झंडा चौक पर मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रदर्शन और जुलूस के दौरान संभावित तनावपूर्ण परिस्थितियों से निपटने की रणनीति दिखाई। ऐसे अभ्यासों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की तैयारियों को मजबूत किया जाता है।

