डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर:औद्योगिक नगरी जमशेदपुर को देश के सबसे हरे-भरे और स्वच्छ शहरों में शुमार बनाए रखने के लिए अब एक और बड़ा कदम उठाया गया है। शहर के सौंदर्यीकरण और हरित क्षेत्र को और विस्तार देने के वास्ते टाटा स्टील यूआईएसएल ने शहर के कई प्रमुख और व्यस्त इलाकों में नए पार्क और ग्रीन जोन विकसित करने की बड़ी योजना बनाई है। इस पहल के तहत बिष्टुपुर, साकची, मानगो, सोनारी और कदमा के खाली पड़े क्षेत्रों को खूबसूरत और हरित परिसरों में बदला जाएगा।
शहर में इन 5 प्रमुख जगहों पर बदलेगी तस्वीर
मानगो फ्लाईओवर के नीचे का क्षेत्र: मानगो में नए फ्लाईओवर का निर्माण पूरा होने के बाद, उसके नीचे और आसपास की खाली पड़ी जमीन को हरा-भरा बनाकर नागरिक सुविधाओं के अनुकूल विकसित किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उस क्षेत्र में अतिक्रमण और गंदगी को फैलने से रोकना है।
साकची में ‘रतन टाटा’ के नाम पर बनेगा भव्य पार्क: साकची में बंद हो चुकी बगीचा नर्सरी की खाली जमीन पर टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन स्वर्गीय रतन टाटा के नाम पर एक भव्य और स्मरणीय पार्क का निर्माण किया जाएगा।
बिष्टुपुर पीएम मॉल के सामने सेंट्रल वर्ज पार्क: बिष्टुपुर स्थित पीएम मॉल के सामने सड़क के बीच बने सेंट्रल वर्ज को आधुनिक लैंडस्केपिंग और आकर्षक पौधों के साथ एक खूबसूरत पार्क के रूप में बदला जा रहा है। इससे मुख्य सड़क की खूबसूरती में चार चांद लगेंगे और लोग सुबह-शाम यहां वॉक कर सकेंगे।
सोनारी-कदमा में नए पार्क और ओपन जिम: सोनारी और कदमा क्षेत्र में सभी खाली पड़े भूखंडों की पहचान कर उन्हें पार्क और वॉक-वे के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही यहां के स्थानीय लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए ओपन जिम भी बनाए जा रहे हैं।
क्यों जरूरी है यह पहल?
भौगोलिक और वानिकी आंकड़ों के अनुसार, जमशेदपुर क्षेत्र में कुल हरित आवरण (ग्रीन कवर) लगभग 33 प्रतिशत है। टाटा स्टील यूआईएसएल के शहरी प्रबंधन वाले हिस्से में हरियाली का अनुपात बेहद शानदार है, जहां प्रति एक लाख आबादी पर लगभग 535 एकड़ हरित क्षेत्र उपलब्ध है, जो देश के अन्य औद्योगिक शहरों की तुलना में इसे काफी आगे रखता है। हालांकि हाल ही में हुए एक वैज्ञानिक अध्ययन से यह बात सामने आई है कि पिछले तीन दशकों में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और बस्तियों के विस्तार के कारण बाहरी इलाकों में हरियाली और वन आवरण के क्षेत्रफल में कुछ गिरावट दर्ज की गई है। इसी चुनौती से निपटने और शहरवासियों को शुद्ध हवा (ऑक्सीजन हब) व वॉक करने के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टाटा स्टील और स्थानीय निकाय ने इस नए हरित अभियान पर जोर दिया है।

