मां स्कंदमाता का दिव्य स्वरूप, गोद में विराजते हैं बाल कार्तिकेय; जानें माता की महिमा

Reena Sharma
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नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। मां स्कंदमाता को ममता, वात्सल्य, करुणा और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता की आराधना करने से भक्तों को सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

मां स्कंदमाता का स्वरूप है बेहद दिव्य

मां स्कंदमाता का स्वरूप अत्यंत मनमोहक और दिव्य है। माता की चार भुजाएं हैं। उनकी दो भुजाओं में कमल के पुष्प सुशोभित हैं, जबकि एक भुजा से वे बाल स्वरूप भगवान स्कंद यानी कार्तिकेय को गोद में धारण करती हैं।

माता की एक भुजा भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करने की मुद्रा में रहती है। उनका वर्ण शुभ्र बताया गया है और वे कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं। इसी कारण उन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है। उनका वाहन सिंह है, जो शक्ति, साहस और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है।

भगवान कार्तिकेय की माता होने के कारण पड़ा स्कंदमाता नाम

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान कार्तिकेय को स्कंद नाम से भी जाना जाता है। स्कंद की माता होने के कारण देवी दुर्गा के इस स्वरूप का नाम स्कंदमाता पड़ा। माता का यह रूप संदेश देता है कि प्रेम और ममता के साथ शक्ति तथा साहस का भी विशेष महत्व है।

सफेद और पीले रंग का है विशेष महत्व

मां स्कंदमाता की पूजा में सफेद और पीले रंग के वस्त्रों तथा फूलों का विशेष महत्व माना जाता है। भक्त श्रद्धा के साथ मां की आराधना कर जीवन में सुख-शांति और सकारात्मकता की प्रार्थना करते हैं। पूजा के दौरान माता को पुष्प अर्पित कर परिवार की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

मां स्कंदमाता की पूजा का धार्मिक महत्व

नवरात्रि के पांचवें दिन श्रद्धालु मां स्कंदमाता की पूजा करके परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की खुशहाली और जीवन में शांति की कामना करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से माता की आराधना करने वाले भक्तों पर मां अपनी कृपा बनाए रखती हैं। इस दिन माता को कमल के फूल अर्पित करना और मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है।

मां स्कंदमाता का मंत्र

मां की पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप किया जाता है—

ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः।

धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन से मां स्कंदमाता की आराधना करने से भक्तों को मानसिक शांति और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

जय स्कंद मां 🙏

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