डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया :अगर आप भी त्योहारी सीजन (दीपावली) में सोना खरीदने का मन बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। अब बाजार में ग्राहकों को ठगने वाले बिचौलियों और दुकानदारों की खैर नहीं है। उपभोक्ता मामलों के तहत झारखंड के 9 जिलों में बिना हॉलमार्क वाले सोने के गहनों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
किन जिलों में लागू हुआ नियम?
पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) समेत राज्य के 9 प्रमुख जिलों में हॉलमार्किंग सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं, जिसके बाद इन क्षेत्रों में बिना हॉलमार्क के सोना बेचना पूरी तरह अवैध कर दिया गया है।
कैसे करें असली और नकली सोने की पहचान?
बीआईएस के डायरेक्टर सह प्रमुख कुणाल कुमार ने ग्राहकों के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप लॉन्च किए जाने की जानकारी दी है। अब आप खुद अपने स्मार्टफोन से सोने की शुद्धता जांच सकते हैं।
’BIS Care App’ का करें इस्तेमाल: हाल ही में शुरू किए गए इस सरकारी ऐप के जरिए आप खरीदे जाने वाले सोने की स्कैनिंग कर सकते हैं।
ये डिटेल्स करें चेक: ऐप के माध्यम से आपको ज्वैलरी के निर्माण का स्थान, समय, फोटो और हॉलमार्क की वैधता की पूरी जानकारी मिल जाएगी।
शिकायत दर्ज कराने की सुविधा: अगर कोई दुकानदार आपको बिना हॉलमार्क या फर्जी हॉलमार्क वाला सोना बेच रहा है, तो आप तुरंत इस ऐप के जरिए उसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
खरीददारी से पहले इन बातों का रखें विशेष ध्यान
BIS और HUID मार्किंग देखें: दीपावली के पावन अवसर पर खरीदारी करते समय हमेशा ध्यान रखें कि गहनों पर बीआईएस और यूएएचआईडी मार्किंग जरूर हो।
झारखंड में टेस्टिंग लैब्स: आपकी सुविधा के लिए पूरे राज्य में 19 लैब अधिकृत हैं, जिनमें अकेले जमशेदपुर में 4 लैब शामिल हैं, जहां सोने की शुद्धता की जांच की जाती है।
देशभर में नेटवर्क: भारतीय मानक ब्यूरो अब तक करीब 23,800 मानक विकसित कर चुका है, जिसमें 394 तकनीकी समितियों और 33 हजार से अधिक विशेषज्ञों का योगदान रहा है। इसके अलावा, देश में सोने-चांदी की हॉलमार्किंग के लिए 1,600 लैब अधिकृत हैं।

