टाइगर श्रॉफ की कार फायरिंग केस में बड़ा खुलासा: दो युवतियों समेत चार गिरफ्तार, साजिश जान उड़ जाएंगे होश

Manju
By Manju
4 Min Read

डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक सनसनीखेज खुलासे के साथ चार आरोपियों को धर दबोचा है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों में दो युवतियां भी शामिल हैं, जिन्होंने हथियारों की तस्करी और लॉजिस्टिक्स में अहम भूमिका निभाई थी। सभी आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद मुंबई पुलिस को ट्रांजिट रिमांड पर सौंप दिया गया है।

इस तरह बुना गया था साजिश का जाल
​पुलिस की शुरुआती जांच और पूछताछ में हैरान कर देने वाली परतें खुली हैं।
​जेल से कनेक्शन और सोशल ऐप का इस्तेमाल: मुख्य आरोपी कुणाल हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आया था। हरसाना गांव के एक परिचित के जरिए उसकी मुलाकात गैंगस्टर अनिल पंडित से हुई। इसके बाद दोनों सुरक्षित समझे जाने वाले एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए बातचीत करने लगे।
​हथियारों की खेप: अनिल पंडित के इशारे पर कुणाल ने अपने साथी सुमित के साथ मिलकर अमृतसर से एक आधुनिक पिस्टल और 20 जिंदा कारतूसों का इंतजाम किया था।
​महिलाओं का इस्तेमाल ढाल के तौर पर: जांच में सामने आया कि दो महीने पहले कुणाल की मुलाकात सीतापुर की रहने वाली राधा से हुई थी। उसने राधा से नजदीकियां बढ़ाई और उसे अपने मंसूबों में शामिल कर हथियार के साथ मुंबई जाने के लिए तैयार कर लिया।

फिल्मी अंदाज में अंजाम दिया गया पूरा ऑपरेशन
​पुलिस के मुताबिक इस पूरी वारदात को एक सोची-समझी रणनीति के तहत अंजाम दिया गया।
​हथियार लेकर ट्रेन का सफर: 15 अक्टूबर को कुणाल, राधा और बबीता को लेकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचा। खतरनाक पिस्टल राधा के हैंडबैग में छिपाई गई थी। सफर के दौरान कुणाल एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए अनिल पंडित के निर्देश लगातार राधा तक पहुंचा रहा था।
​मुंबई में हथियारों की डिलीवरी: 17 अक्टूबर को दोनों युवतियां दादर पहुंचकर एक होटल में रुकी। अगले दिन यानी 18 अक्टूबर की सुबह करीब 11 बजे होटल के पास एक नाबालिग लड़का आया और राधा से हथियारों से भरा बैग लेकर चला गया।
​फायरिंग और आरोपियों की भागदौड़: 18 अक्टूबर की शाम करीब सात बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां बरसाई गई। इसके बाद अनिल पंडित ने कुणाल को फोन कर बताया कि शूटर मुंबई में फंस गए हैं और उनके भागने की व्यवस्था करने को कहा। उसी दिन राधा और बबीता हरिद्वार एक्सप्रेस पकड़कर मुंबई से वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गई।

पुलिस का शिकंजा और गिरफ्तारियां
​दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने तकनीकी सर्विलांस और खुफिया इनपुट के आधार पर इस जाल को तोड़ दिया। 20 अक्टूबर को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से दबोच लिया, जबकि उनके साथियों कुणाल और सुमित को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार कर लिया गया। गौरलतब है कि इस मामले में फायरिंग को अंजाम देने वाले चारों शूटरों को पहले ही कोटा पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। अब मुंबई पुलिस पकड़े गए इन नए आरोपियों से पूछताछ कर इस पूरे आपराधिक नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

Share This Article