डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया :अगर आप नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की सोच रहे हैं या अपने मौजूदा लाइसेंस में पता व नाम अपडेट कराना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन नियमों में कई बड़े बदलावों का मसौदा जारी किया है। इन नए बदलावों का मुख्य उद्देश्य लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को पारदर्शी, डिजिटल और कागजी झंझटों से मुक्त बनाना है।
नए प्रस्तावों के लागू होने से मिलने वाले बड़े फायदे
शपथ पत्र का झंझट खत्म, अब इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
अक्सर लाइसेंस बनवाते समय आयु या पते के प्रमाण के लिए शपथ पत्र बनवाने की दौड़भाग करनी पड़ती थी, लेकिन अब मंत्रालय इसे पूरी तरह समाप्त करने की तैयारी में है।
मान्य दस्तावेज: अब आयु, पहचान और पते के प्रमाण के रूप में आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी, पैन कार्ड, शैक्षणिक प्रमाण पत्र या जन्म प्रमाण पत्र का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा।
LIC पॉलिसी बाहर: पते या आयु के प्रमाण के रूप में अब तक स्वीकार की जाने वाली एलआईसी पॉलिसी को दस्तावेजों की सूची से हटा दिया गया है।
नया नियम: अधिकारियों का मानना है कि इससे फर्जी या अप्रमाणित दस्तावेजों के इस्तेमाल पर रोक लगेगी और वेरिफिकेशन अधिक पुख्ता होगा।
अब 15 दिनों के भीतर करना होगा फैसला, 30 दिन में स्वतः स्वीकृत होगा पते में बदलाव
आम जनता की सबसे बड़ी शिकायत यह रहती है कि लाइसेंस या नाम-पते में बदलाव के आवेदन महीनों तक अटके रहते हैं। नए प्रस्ताव में इसके लिए सख्त समयसीमा तय की गई है।
15 दिन की समयसीमा: लाइसेंसिंग अथॉरिटी को नाम या पता बदलने जैसे ऑनलाइन आवेदनों पर 15 दिनों के भीतर मंजूरी या अस्वीकृति का फैसला लेना होगा। यदि आवेदन खारिज किया जाता है, तो उसका स्पष्ट कारण भी बताना होगा।
स्वतः स्वीकृति: अगर पते में बदलाव का आवेदन 30 दिनों तक बिना किसी निर्णय के लंबित रहता है, तो उसे नियमों के तहत खुद-ब-खुद स्वीकृत मान लिया जाएगा।
ड्राइविंग लाइसेंस पर अब दिखेगी राष्ट्रीयता और ब्लड ग्रुप
नए मसौदे के अनुसार ड्राइविंग लाइसेंस के स्वरूप और डिजाइन में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
राष्ट्रीयता और रंग: लाइसेंस पर धारक की राष्ट्रीयता का स्पष्ट उल्लेख होगा। साथ ही, भारतीय और विदेशी नागरिकों के लाइसेंस के लिए अलग-अलग रंग योजना शुरू करने का प्रस्ताव है।
इमरजेंसी डिटेल्स: लाइसेंस पर अब ब्लड ग्रुप, मोबाइल नंबर और आपातकालीन संपर्क जैसी अहम जानकारियां होना अनिवार्य किया जा सकता है, ताकि सड़क दुर्घटना या आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके।
सारथी पोर्टल के जरिए कई सेवाओं के लिए एक ही फॉर्म
अब अलग-अलग कामों के लिए बार-बार अलग फॉर्म भरने की झंझट से राहत मिलने वाली है। लाइसेंस रिन्यूअल, डुप्लीकेट लाइसेंस जारी करना, वाहन की नई श्रेणी जोड़ना और पर्सनल डिटेल अपडेट करने जैसे सभी कार्यों के लिए एक समेकित ऑनलाइन फॉर्म लाया जाएगा। इसमें डेटा सीधे ‘सारथी पोर्टल’ से इलेक्ट्रॉनिक रूप से ले लिया जाएगा, जिससे प्रक्रिया बेहद तेज और आसान हो जाएगी।
ऑनलाइन ड्राइविंग ट्यूटोरियल टेस्ट और आधार ऑथेंटिकेशन पर छूट
सख्त हुआ टेस्ट: ऑनलाइन सेफ ड्राइविंग ट्यूटोरियल के असेसमेंट में पास होने के लिए अब अंकों की अनिवार्यता 60% से बढ़ाकर 75% करने का प्रस्ताव है। साथ ही, ट्यूटोरियल की अवधि कम से कम 30 मिनट की होनी अनिवार्य की जा सकती है।
फीस में राहत: ऑनलाइन आधार ऑथेंटिकेशन के जरिए सेवाएं लेने पर नाम, पता और फोन नंबर जैसी सेवाओं के निर्धारित शुल्क में छूट दी जा सकती है।

