डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : भारतीय शेयर बाजार में आज यानी बुधवार 28 अक्टूबर को कारोबार की शुरुआत बेहद निराशाजनक और भारी बिकवाली के साथ हुई। प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 750 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया, जबकि निफ्टी भी 180 से अधिक अंक टूटकर 22,600 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे फिसल गया। बाजार के जानकारों का मानना है कि इस भारी गिरावट के पीछे केवल एक वजह नहीं, बल्कि कई मोर्चों पर एक साथ बन रहा दबाव जिम्मेदार है। वह बड़े ट्रिगर जिनके कारण आज बाजार का मूड पूरी तरह बिगड़ गया।
क्रूड ऑयल में उबाल और सप्लाई की चिंता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और यह 115 डॉलर प्रति बैरल के पार कारोबार कर रहा है। सऊदी अरब की एक प्रमुख रिफाइनरी पर हुए हमलों की खबरों के बाद ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई बाधित होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। ऊर्जा लागत और आयात महंगा होने की इस आशंका ने देश में एक बार फिर महंगाई के मोर्चे पर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिसका सीधा असर निवेशकों के सेंटीमेंट पर पड़ रहा है।
आईटी शेयरों में सबसे बड़ी बिकवाली
बुधवार के शुरुआती कारोबार में टेक्नोलॉजी शेयरों में सबसे ज्यादा खून-खराबा देखने को मिला। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 3.26% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई।
इन्फोसिस (Infosys): 4.5% तक टूटा
एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Tech): 3.3% की गिरावट
टेक महिंद्रा (Tech Mahindra): 3.1% फिसला
टीसीएस (TCS): 2.6% तक कमजोर हुआ
चूंकि भारतीय आईटी कंपनियों की कमाई का बड़ा हिस्सा अमेरिकी बाजार से आता है, इसलिए अमेरिका में नीतिगत बदलावों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख से पहले निवेशकों ने आईटी शेयरों से सुरक्षित दूरी बनाना ही बेहतर समझा।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों का इंतजार
आज यानी 28 अक्टूबर को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर आने वाले फैसले पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। ब्याज दरों को लेकर फेड का रुख ग्लोबल मार्केट्स में लिक्विडिटी की दिशा तय करता है। उभरते बाजारों से पूंजी के प्रवाह पर इसका सीधा असर पड़ता है, यही वजह है कि किसी भी बड़े जोखिम से बचने के लिए निवेशक फिलहाल ‘वाच एंड वेट’ की मुद्रा में हैं।
कमजोर टेक्निकल सेटअप और इंडिया विक्स का डर
घरेलू मोर्चों पर भी बाजार का तकनीकी ढांचा बेहद कमजोर नजर आ रहा है। निफ्टी और सेंसेक्स अपने साल के निचले स्तरों के आसपास मंडरा रहे हैं। मौजूदा स्तरों से बाजार को ऊपर खींचने वाला फिलहाल कोई ठोस सकारात्मक ट्रिगर दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे मंदी का यह चक्र और गहराने की आशंका बढ़ गई है। दूसरी ओर, ‘इंडिया विक्स’ में उछाल यह साफ बता रहा है कि बाजार में अभी अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव का दौर लंबा खिंच सकता है।

