डिजिटल डेस्क।मिरर मीडिया:झारखंड के हजारीबाग शहर के हुरहुरु इलाके में बुधवार की सुबह एक अलग ही तनाव और गहमागहमी के साथ हुई। जब तक स्थानीय लोग अपनी रोजमर्रा की सुबह की गतिविधियों में जुटते, उससे पहले ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी की पटना शाखा और स्थानीय पुलिस ने मिलकर एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दे डाला। बाबा पथ पर स्थित दो भाइयों (प्रदीप साव और उदय साव) के घरों पर अचानक पड़ी इस रेड ने पूरे इलाके के तापमान को गर्मा दिया।
बाहरी दुनिया से पूरी तरह कटा संपर्क, किले में तब्दील हुआ मोहल्ला
जांच एजेंसी के आने के साथ ही जिस तेजी से सुरक्षा घेरा तैयार किया गया, उसने हर किसी को हैरान कर दिया। दोनों मकानों के मुख्य दरवाजे अंदर से बंद कर दिए गए और आसपास के लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई। स्थिति यह थी कि मोहल्ले के किसी भी व्यक्ति को अपने घरों से बाहर निकलने या उस गली में कदम रखने की अनुमति नहीं थी। अचानक हुई इस कार्रवाई ने सुबह-सुबह पूरे इलाके में सनसनी फैला दी और लोग अपने घरों की छतों से इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे को देखने लगे।
वित्तीय दस्तावेजों और डिजिटल गैजेट्स पर टिकी निगाहें
भले ही इस पूरी छापेमारी को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि या गिरफ्तारी की बात सामने नहीं आई हो, लेकिन अंदरखाने सूत्रों का कहना है कि मामला काफी गंभीर है। चर्चा है कि केंद्रीय एजेंसी देशव्यापी वित्तीय लेन-देन, संदिग्ध हवाला नेटवर्क और जाली नोटों के किसी बड़े तार को खंगालने हजारीबाग पहुंची थी। घंटों चले इस तलाशी अभियान के दौरान घर के कोपचे छाने गए, वित्तीय कागजात खंगाले गए और डिजिटल उपकरणों की तकनीकी जांच की गई।
सन्नाटा और अनिश्चितता का माहौल
कार्रवाई पूरी होने के बाद NIA और पुलिस की टीमें भले ही वहां से निकल चुकी हैं, लेकिन हुरहुरु के इस शांत मोहल्ले में अभी भी सन्नाटा और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हैं, क्योंकि दोनों मकान मालिकों के आपसी रिश्तों और इस अचानक पड़ी रेड के असली कारणों पर से पर्दा उठना अभी बाकी है। फिलहाल, सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जांच एजेंसी इस मामले में जल्द ही कोई आधिकारिक खुलासा करती है या नहीं।

