​रामगढ़ में बड़ा एक्शन: 20 बाइक और 6 मोबाइल के साथ अंतर-जिला चोर गिरोह बेनकाब, 7 गिरफ्तार

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया:झारखंड के रामगढ़ जिले में वाहन चोरों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक अंतर-जिला बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 7 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की 20 मोटरसाइकिलें और 6 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस गिरोह का जाल रामगढ़ के अलावा रांची, बोकारो और हजारीबाग तक फैला हुआ था।

​इस तरह हुआ खुलासा
​रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत ने रामगढ़ थाना परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस रामगढ़ में वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सीसीटीवी फुटेज में नजर आए दो संदिग्ध युवकों को पकड़ा गया, जो नीले रंग की बिना नंबर प्लेट वाली हीरो एचएफ डीलक्स बाइक पर सवार थे। जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि यह मोटरसाइकिल उन्होंने 9 अक्टूबर को रामगढ़ में गुरुद्वारा रोड स्थित निर्मल एजेंसी के बाहर से चुराई थी।

कौन-कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
​पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल सात लोगों को दबोचा है, जिनकी पहचान सोनू राम (26 वर्ष), आर्यन कुमार (19 वर्ष), ​राकेश कुमार (32 वर्ष), मंजूर खान (28 वर्ष)
​बिनेश्वर बेदिया (32 वर्ष), मो. इजाजुल अंसारी (28 वर्ष), शमीम अंसारी (34 वर्ष)

कैसे काम करता था यह सिंडिकेट?
​पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के मुख्य चोर सोनू और आर्यन रांची, रामगढ़, बोकारो और हजारीबाग जिलों में वारदातों को अंजाम देते थे। चोरी के बाद ये गाड़ियां आगे सप्लाई की जाती थी—रामगढ़ से चुराई गई बाइक बोकारो के रहने वाले शमीम को बेची जाती थी, जबकि रांची से उड़ाई गई गाड़ियां रामगढ़ के राकेश, मंजूर, इजाजुल और बिनेश्वर को सौंपी जाती थी। खरीदने के बाद ये लोग बाइक का हुलिया पूरी तरह बदल देते थे। वे गाड़ियों का डेंट-पेंट कराते, मॉडल में बदलाव करते और पहचान छिपाने के लिए इंजन व चेसिस नंबर को घिसकर मिटा देते थे ताकि कोई पकड़ न सके। इसके बाद इन्हें कम कीमत पर बाजार में खपा दिया जाता था। अगर कोई बाइक नहीं बिक पाती थी, तो आरोपी उसके पार्ट्स (पुर्जे) अलग-अलग करके बेच देते थे।

आगे की कार्रवाई जारी
​एसपी ने बताया कि सभी सातों आरोपियों को विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में अदालत में पेश किया जा रहा है। वहीं, इस गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों और बाकी नेटवर्क का पता लगाने के लिए पुलिस की छापेमारी लगातार जारी है।

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