मिरर मीडिया : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोच्चि से भारत में ही निर्मित विमानवाहक युद्धपोत आईएनएस विक्रांत को नौसेना में शामिल करेंगे। इसे मेक इन इंडिया के तहत बनाया गया है। यह अब तक का भारत का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत है। बता दें कि प्रधानमंत्री का केरल दौरे का शुक्रवार को आखिरी दिन है जहाँ वे भारत में निर्मित युद्धपोत आईएनएस विक्रांत नेवी को सौंपेंगे। इस पोत के पूर्ववर्ती पोत विक्रांत ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अहम भूमिका निभाई थी, जिसके नाम पर इस नए पोत का नाम रखा गया है।
जानकारी दे दें कि यह अब तक का भारत का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत है। भारत से पहले सिर्फ पांच देशों ने 40 हजार टन से अधिक वजन वाला एयरक्राफ्ट कैरियर बनाया है। आईएनएस विक्रांत का वजन 45 हजार टन है। पिछले साल 21 अगस्त से अब तक समुद्र में परीक्षण के कई चरणों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। पोत को नौसेना की सेवा में शामिल किए जाने के बाद इस पर विमानों को उतारने का परीक्षण किया जाएगा।
262 मीटर लंबा और 62 मीटर चौड़ा आईएनएस विक्रांत 18 समुद्री मील से लेकर 7500 समुद्री मील की दूरी तय कर सकता है। जहाज में लगभग 2,200 कमरे हैं, जिन्हें चालक दल के लगभग 1,600 सदस्यों के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें महिला अधिकारियों और नाविकों को समायोजित करने के लिए विशेष केबिन शामिल हैं।
मशीनरी संचालन, जहाज नौवहन और उत्तरजीविता के लिए बहुत उच्च स्तर के स्वचालन के साथ डिजाइन किया गया यह विमानवाहक, अत्याधुनिक उपकरणों और प्रणालियों से लैस है। जहाज में नवीनतम चिकित्सा उपकरण सुविधाओं के साथ एक पूर्ण अत्याधुनिक चिकित्सा परिसर है जिसमें प्रमुख मॉड्यूलर ओटी (ऑपरेशन थिएटर), आपातकालीन मॉड्यूलर ओटी, फिजियोथेरेपी क्लिनिक, आईसीयू, प्रयोगशालाएं, सीटी स्कैनर, एक्स-रे मशीन, दंत चिकित्सा परिसर, आइसोलेशन वार्ड और टेलीमेडिसिन सुविधाएं आदि शामिल हैं।

