जमशदपुर। झारखंड गैर सरकारी विद्यालय संघ के अध्यक्ष मोहम्मद ताहिर हुसैन व कोल्हान अध्यक्ष डॉक्टर अफरोज शकील ने जिला प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा है कि नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत मान्यता लेने से संबंधित मामला माननीय उच्च न्यायालय, झारखंड में विचाराधीन है, ऐसी परिस्थिति में यदि दम है तो झारखंड राज्य के कोई भी जिला शिक्षा पदाधिकारी अथवा जिला शिक्षा अधीक्षक किसी भी विद्यालय के विरूद्ध किसी प्रकार का भी कार्रवाई करके दिखाएं, संघ उन्हें इसका जवाब देने को तैयार है, वे अंजाम भुगतने को तैयार रहें। क्योंकि यही निजी विद्यालय और आज की प्रतिष्ठा बचाए हुए हैं, विभाग और सरकार तो गरीबों को लूटने में लगी हुई है, लेकिन वास्तविक में यह निजी विद्यालय समाज और राज्य के लिए पूर्ण रूप से समर्पित हैं, ये खुद भूखा रहकर भी राज्य को शिक्षित करने का कार्य कर रहे हैं ऐसी परिस्थिति में विभाग का अथवा सरकार का इनके विरुद्ध ऐसी मानसिकता एवं दृष्टिकोण रहना किसी भी तरह से उचित नहीं है। सरकार एवं विभाग को चाहिए इन विद्यालयों के प्रति ऊंची सोच रखें एवं उनके बलिदानों को देखते हुए इन्हें सम्मानित करने का काम करना चाहिए, तो विभाग व सरकार का कार्य इन शिक्षकों को सड़क पर लाकर भूखा मार देने का है। इस बैठक में मुख्य रूप से लल्लन प्रसाद यादव, चंद्र भूषण मिश्रा एवं अन्य विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक उपस्थित थे।झारखंड गैर सरकारी विद्यालय संघ के अध्यक्ष मोहम्मद ताहिर हुसैन व कोल्हान अध्यक्ष डॉक्टर अफरोज शकील ने जिला प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा है कि नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत मान्यता लेने से संबंधित मामला माननीय उच्च न्यायालय, झारखंड में विचाराधीन है, ऐसी परिस्थिति में यदि दम है तो झारखंड राज्य के कोई भी जिला शिक्षा पदाधिकारी अथवा जिला शिक्षा अधीक्षक किसी भी विद्यालय के विरूद्ध किसी प्रकार का भी कार्रवाई करके दिखाएं, संघ उन्हें इसका जवाब देने को तैयार है, वे अंजाम भुगतने को तैयार रहें। क्योंकि यही निजी विद्यालय और आज की प्रतिष्ठा बचाए हुए हैं, विभाग और सरकार तो गरीबों को लूटने में लगी हुई है, लेकिन वास्तविक में यह निजी विद्यालय समाज और राज्य के लिए पूर्ण रूप से समर्पित हैं, ये खुद भूखा रहकर भी राज्य को शिक्षित करने का कार्य कर रहे हैं ऐसी परिस्थिति में विभाग का अथवा सरकार का इनके विरुद्ध ऐसी मानसिकता एवं दृष्टिकोण रहना किसी भी तरह से उचित नहीं है। सरकार एवं विभाग को चाहिए इन विद्यालयों के प्रति ऊंची सोच रखें एवं उनके बलिदानों को देखते हुए इन्हें सम्मानित करने का काम करना चाहिए, तो विभाग व सरकार का कार्य इन शिक्षकों को सड़क पर लाकर भूखा मार देने का है। इस बैठक में मुख्य रूप से लल्लन प्रसाद यादव, चंद्र भूषण मिश्रा एवं अन्य विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक उपस्थित थे।

