उपायुक्त की पहल से सबर परिवारों को मिलेगा लाभ, प्रखंड प्रशासन को निर्देश

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने मुसाबनी प्रखंड के आदिम जनजाति बहुल क्षेत्र कुलामारा गांव स्थित खारिया टोला व जोबला का दौरा किया। क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्होंने सबर जनजाति के परिवारों से सीधा संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं व सरकारी योजनाओं के लाभान्वित होने की स्थिति की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण किया तथा, पेयजल, आवास और अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने खारिया टोला में रह रहे सबर परिवारों से मुलाकात की और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए प्रखंड प्रशासन को निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों के स्कूल में नामांकन व कक्षा में ठहराव, जन्म व जाति प्रमाण पत्र की उपलब्धता और सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना और मंइयां सम्मान योजना जैसी सरकारी की अन्य महत्वाकांक्षी योजनाओं से भी लाभान्वित करने के निर्देश दिए।

पेयजल की समस्या को देखते हुए उपायुक्त ने मौके पर ही पेयजल स्रोतों की मरम्मती और नये चापाकल की स्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि गांव के हर घर तक स्वच्छ पेयजल की सुविधा पहुंचाई जाए।

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इसके साथ ही उपायुक्त ने जोबला स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने दवाओं की उपलब्धता, स्टॉक रजिस्टर, दवाओं की एक्सपायरी तिथि, तथा ओपीडी रजिस्टर की जांच की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र में पोषाहार वितरण की व्यवस्था की भी समीक्षा की और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी लाभुकों को समय पर पोषाहार उपलब्ध कराया जाए।

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, विशेष रूप से आदिम जनजातियों जैसे सबर समुदाय को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले। आंकाक्षी प्रखंड कार्यक्रम अंतर्गत मुसाबनी में स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि और संबद्ध सेवाएं, बुनियादी ढांचा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में व्यापक कार्य किए जाएंगे, कार्ययोजना को अमल में लाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लगातार क्षेत्र का दौरा करें और प्रत्येक परिवार को योजनाओं से जोड़ने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं । सुदूरवर्ती व दुर्गम क्षेत्रों में निवास करने वाले आदिम जनजाति परिवरों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा, सभी योजनाओं का ससमय लाभ पहुंचाने का प्रयास है।

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