आरजेडी सुप्रीमो लाल प्रसाद यादव की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिख रही है। बाबा साहेब आंबेडकर की तस्वीर के अपमान का वीडियो वायरल होने के बाद राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने लालू यादव को नोटिस भेजा है।आयोग ने लालू यादव से 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। उनसे पूछा गया है कि उनके खिलाफ क्यों न अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए।

अनुसूचित जाति आयोग ने मांगा जवाब
राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने यह नोटिस लालू यादव को उनके जन्मदिन पर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की तस्वीर के कथित अपमान के लिए भेजा गया है। आयोग के उपाध्यक्ष देवेंद्र कुमार की ओर यह जारी नोटिस जारी किया गया है। एससी कमीशन के नोटिस में लिखा है कि, आपने अपने जन्मदिन पर संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीम राव आंबेडकर की फोटो का अपमान किया है। जो सोशल मीडिया पर लगातार देखा जा रहा है। ज्ञात हो डॉ. भीम राव आंबेडकर के अपमान से वर्ग विशेष नहीं पूरे देश के सम्मान को ठेस पहुंची है। अतः 15 दिन के अंदर स्पष्टीकरण दें और बताएं कि क्यों आप पर अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 11 जून को आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने अपना 78वां जन्मदिन मनाया। जिसका एक वीडियो 14 जून को सामने आया। सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में देखा जा रहा है कि लालू यादव कुर्सी पर बैठे हैं। उन्होंने अपने पैरों को सामने दूसरी कुर्सी पर रखा हैं। इस बीच एक समर्थक अंबेडकर की तस्वीर हाथ में लेकर आता है और लालू के साथ फोटो खिंचवाने लगता है। जिस तरीके से फोटो खिंचवाया गया है उससे ऐसा लग रहा है कि अंबेडकर की तस्वीर लालू यादव के पैरों के पास है और इसी को लेकर अब विवाद हो गया है।

