धनबाद – जलापूर्ति योजनाओं में लापरवाही पर प्रशासन सख्त, कंपनियों को चेतावनी- “काम नहीं हो रहा तो सरेंडर कर दें”

KK Sagar
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उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने शुक्रवार को जल एवं स्वच्छता समिति की समीक्षा बैठक में जलापूर्ति योजनाओं की धीमी प्रगति और लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई। बैठक में बलियापुर फेज-1, मोहिलिडीह लटानी रूपण ग्रामीण जलापूर्ति योजना तथा टुंडी फेज-1 जलापूर्ति योजना की समीक्षा के दौरान पाया गया कि वर्षों से कार्य कर रही श्री राम ईपीसी कंपनी की लापरवाही के कारण दोनों प्रखंडों में जलापूर्ति बाधित है, जिससे बड़ी आबादी पेयजल संकट से जूझ रही है।

समीक्षा के दौरान उप विकास आयुक्त ने कंपनी की कार्यप्रणाली पर तीखी नाराजगी जाहिर करते हुए स्पष्ट कहा कि हर हाल में दोनों प्रखंडों में तत्काल जलापूर्ति शुरू होनी चाहिए। कंपनी के डीजीएम को फटकार लगाते हुए उन्होंने कहा कि लापरवाही के कारण राज्य सरकार की संपत्ति और राशि बर्बाद हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रही तो सरकारी संपत्ति जबरन कब्जे में रखने के आरोप में नामजद प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन कंपनी की कार्यशैली सरकार की मंशा के विपरीत है। साथ ही निर्देश दिया गया कि कर्मचारियों का बकाया भुगतान कर तुरंत जलापूर्ति बहाल की जाए।

बैठक में बाघमारा फेज-2 में कार्य कर रही आदित्य आरव डेवलपमेंट कंपनी की भी कार्य में देरी को लेकर कड़ी आलोचना की गई। समीक्षा में सामने आया कि कंपनी को 450 किलोमीटर पाइपलाइन बिछानी थी, लेकिन अब तक केवल 20 किलोमीटर पाइपलाइन ही बिछाई जा सकी है। कंपनी के पास पर्याप्त रॉ मैटेरियल और मानव बल की भी कमी पाई गई।

उप विकास आयुक्त ने दोनों कंपनियों को चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य सरकार की बड़ी पूंजी खर्च होने के बावजूद लाखों ग्रामीण पानी के लिए परेशान हैं। यदि कंपनियां काम पूरा करने में सक्षम नहीं हैं तो वे योजना सरेंडर कर दें।

बैठक के दौरान निरसा उत्तर एवं दक्षिण जलापूर्ति योजना, हर घर जल योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, गोबर गैस प्लांट, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट और शहरी जलापूर्ति योजना सहित कई योजनाओं की समीक्षा की गई। ग्राम जल स्वच्छता समिति की समीक्षा के बाद सभी जल सहियाओं को सात दिनों के भीतर समिति के बैंक खाते में जमा राशि जमा कराने का निर्देश भी दिया गया।

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