March 4, 2024

Mirrormedia

Jharkhand no.1 hindi news provider

चंद्र मिशन की सफलता के बाद अब सूर्य मिशन आदित्य-एल1 की तैयारी : सितंबर के पहले सप्ताह में लॉन्च करेगी ISRO : गगनयान सहित कई मिशन कतार में

1 min read

मिरर मीडिया : चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर बुधवार को सफल लैंडिंग के बाद भारत वहां कदम रखने वाला पहला देश बन गया है। इस सफलता के बाद अब ISRO के वैज्ञानिकों सूरज को फतह करने की तैयारी में जुटने वाले हैं। बता दें कि चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग होते ही बुधवार देर शाम इसके लिए ऐलान कर दिया गया। ISRO ने चंद्रमा के बाद अब वह सूर्य पर रिसर्च करने के लिए अपने ‘आदित्य-एल1’ को सूर्य की ओर रवाना करेगा। उसने इस सूर्य मिशन को रवाना करने के लिए बाकायदा समय भी घोषित कर दिया।

इस बाबत ISRO के अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने बताया कि सूर्य मिशन के लिए ‘आदित्य-एल1’ उपग्रह सितंबर के पहले सप्ताह में लॉन्च किया जाएगा। यह मिशन करीब 120 दिन यानी 4 महीने में 15 लाख किमी की दूरी तय करके सूर्य की कक्षा में पहुंचेगा। वहां पर सौर वातावरण का अध्ययन करेगा और आंकड़े इकट्ठे करके पृथ्वी पर भेजेगा।

उन्होंने बताया कि ‘आदित्य-एल1’ का प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा से किया जाएगा। वहां पर सूर्य का अध्ययन करने वाली पहली अंतरिक्ष-आधारित भारतीय वेधशाला तैयार की जा रही है। इसरो के अनुसार, सूर्य मिशन पर जाने वाले अंतरिक्ष यान को सूर्य-पृथ्वी प्रणाली के पहले लैग्रेंज बिंदु, एल1 के आसपास एक प्रभामंडल कक्षा में स्थापित किया जाएगा। एल1 बिंदु के आसपास उपग्रह को बिना किसी ग्रहण/ग्रहण के लगातार सूर्य को देखने का प्रमुख लाभ है।

गौरतलब है कि आदित्य-एल1′ उपग्रह का नाम सूर्य देव के नाम पर रखा गया है। उसे भारतीय रॉकेट ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) द्वारा ले जाया जाएगा। इस  उपग्रह को जल्द ही रॉकेट के साथ एकीकृत करने का काम शुरू हो जाएगा।

सूर्य मिशन के बाद गगनयान मिशन आगे बढ़ेगा। यह मिशन भारत के मानव अंतरिक्ष मिशन का हिस्सा है। इस बाबत इसरो चीफ सोमनाथ ने कहा कि गगनयान मिशन इस साल सितंबर के अंत या अक्टूबर के पहले सप्ताह में लॉन्च किया जाएगा। उन्होंने बतााय कि भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इस साल अपने जीएसएलवी रॉकेट के साथ इन्सैट 3डीएस उपग्रह की परिक्रमा करने की भी योजना बना रही है। उसके बाद, अन्वेषा उपग्रह और XPoSAT- एक एक्स-रे पोलारिमीटर उपग्रह की परिक्रमा की जाएगी। यह चरम स्थितियों में उज्ज्वल खगोलीय एक्स-रे स्रोतों की गतिशीलता का अध्ययन करने के लिए देश का समर्पित पोलारिमेट्री मिशन होगा।

पीएसएलवी रॉकेट पर रडार इमेजिंग सैटेलाइट – RISAT-1B – के प्रक्षेपण की योजना 2023 के दौरान बनाई गई है। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी दो IDRSS (इंडियन डेटा रिले सैटेलाइट सिस्टम) उपग्रहों की परिक्रमा करने की भी योजना बना रही है। इन रॉकेटिंग मिशनों (ISRO New Gagan Mission) के अलावा, इसरो विभिन्न प्रणालियों का परीक्षण करेगा जो पहले मानव अंतरिक्ष मिशन के लिए उसके LVM3 रॉकेट में जाएंगे।  इसरो ने 2024 में शुक्र के लिए एक उड़ान ‘वीनस मिशन’ भी निर्धारित है।

Share this news with your family and friends...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.