झारखंड बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य की सत्ताधारी सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर जोरदार हमला बोला है। मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक लंबी पोस्ट साझा करते हुए राज्य की कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए लिखा कि “एक बैठक का एंट्री कार्ड मिलने पर फूले नहीं समाने वाले हेमंत सोरेन जी, कभी झारखंड की दुर्दशा पर भी शर्म कर लीजिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य रोज़ सरकार की नाकामी और निकम्मेपन की कीमत चुका रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री को केवल व्हाइट बैज, महंगे कोट-मफलर और फोटो सेशन की चिंता है।
मरांडी ने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व से दूरी बनाते हुए अपनी विदेश यात्रा, जिसे उन्होंने “लंदन शॉपिंग सेशन” बताया, आगे बढ़ाने की तैयारी में हैं।
कानून व्यवस्था और अपराध पर गंभीर सवाल
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने पोस्ट में कई गंभीर घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर से अपहृत एक व्यवसायी का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है, जबकि सोमा मुंडा के हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
बेरोजगारी, खनिज लूट और घोटालों का आरोप
मरांडी ने कहा कि झारखंड का युवा नौकरी और रोजगार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। बालू, पत्थर और कोयला जैसे खनिजों की खुलेआम लूट हो रही है। उन्होंने पहले शराब घोटाले और अब घोटाले की जांच में घोटाले का आरोप लगाते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आदिवासियों की जमीन पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं और राज्य में हर ओर अराजकता का माहौल है।
बोकारो स्कूल बस आगजनी का हवाला
बाबूलाल मरांडी ने सरस्वती पूजा के दिन बोकारो के एक स्कूल परिसर में आगजनी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि तीन स्कूल बसें धू-धू कर जल गईं, लेकिन सरकार की प्राथमिकता जनहित नहीं बल्कि आत्ममुग्धता बन चुकी है।
पोस्ट के अंत में मरांडी ने मुख्यमंत्री से आत्मचिंतन करने की अपील करते हुए सवाल किया कि क्या वे झारखंड की ध्वस्त कानून व्यवस्था की नैतिक जिम्मेदारी लेंगे या फिर इसी तरह दिखावे और आत्मप्रचार में लगे रहेंगे।

