टेंडर घोटाले में सरकार की बड़ी कार्रवाई, बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी मुमुक्षु चौधरी सस्पेंड

Neelam
By Neelam
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बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी व भवन निर्माण में संयुक्त सचिव रहे मुमुक्षु कुमार चौधरी को सामान्य प्रशासन विभाग ने निलंबित कर दिया है। मुमुक्षु टेंडर घोटाले के आरोपी हैं और वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।

भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोपों और न्यायिक हिरासत को लेकर एक्शन

सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी करते हुए बताया कि उनके खिलाफ रिश्वतखोरी, आय से अधिक संपत्ति, पद का दुरुपयोग और भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोपों और न्यायिक हिरासत को देखते हुए सेवा नियमों के तहत यह कार्रवाई की गई है। बिहार सरकारी सेवक नियमावली के प्रावधानों के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उनका निलंबन कारावास की तिथि से प्रभावी माना जाएगा और अगली अधिसूचना जारी होने तक लागू रहेगा।

बेउर जेल में हैं बंद

विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने पिछले वर्ष 25 नवंबर को विशेष निगरानी थाना में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। लंबी तफ्तीश के बाद 11 जून को उन्हें अन्य दो आरोपियों के साथ विशेष निगरानी अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया।

मुमुक्षु चौधरी पर क्या आरोप हैं?

जांच एजेंसी के मुताबिक, मुमुक्षु चौधरी पर टेंडर सिंडिकेट के कथित सरगना से सांठगांठ कर सरकारी ठेकों में खेल करने का गंभीर इल्ज़ाम है। एसवीयू की जांच में सामने आया कि सीतामढ़ी में डीआरडीए निदेशक रहते हुए उन्हें नगर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिलाने में टेंडर घोटाले के कथित किंगपिन ने अहम भूमिका निभाई थी। आरोप यह भी है कि सहरसा नगर आयुक्त के तौर पर तैनाती के दौरान उन्होंने विवादित ठेकों में उसी नेटवर्क के पक्ष में फैसले किए।

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